उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले

करोना का ख़तरा अभी तक टला नहीं हैं और हम सब अपने आप को बहुत सेफ समझ ने लगे हैं जैसा कि बता दूं कोरोना वायरस

नई दिल्ली। करोना का ख़तरा अभी तक टला नहीं हैं और हम सब अपने आप को बहुत सेफ समझ ने लगे हैं जैसा कि बता दूं कोरोना वायरस संक्रमण के डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार तैयारी में जुट गई हैं। वैज्ञानिक भी आगाह कर चुके हैं कि संभावित तीसरी लहर अक्टूबर-नवंबर में पीक पर हो सकती हैं।

उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले सामने आने लगे हैं। वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को जानकारी दी कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते भविष्य में कब लॉकडाउन लगेगा और कब क्या खुलेगा, इसे लेकर अब संशय की स्थिति नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हुई अहम बैठक के दौरान दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से पास किया गया है।

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बैठक में कोरोना के वेरिएंट को लेकर भी बात हुईय़ इस वेरिएंट को हमें दिल्ली में फैलने से रोकना है जिसके लिए सरकार हर ज़रूरी कदम उठा रही है। इसके तहत के तहत यह भी तय किया गया है कि कोरोना संक्रमण की स्थिति में कब लॉकडाउन लगेगा और कब क्या खुलेगा। उल्लेखनीय है कि एलजी दिल्ली अनिल बैजल ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कोरोना महामारी की स्थिति और आगे के रास्ते पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को 22 वीं डीडीएमए बैठक की अध्यक्षता की।

इसमें सीएम और राजस्व मंत्री, सीएस दिल्ली और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा डॉ वीके पॉल, नीति आयोग, डॉ बलराम भार्गव, आईसीएमआर, डॉ रणदीप गुलेरिया, डीआईआर एम्स, डॉ एसके सिंह, एनसीडीसी और डॉ कृष्णा वत्स, डीडीएमए अन्य मौजूद रहे।

इस दौरान डेल्टा प्लस और लैम्ब्डा जैसे नए रूपों से उत्पन्न होने वाली चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की गई और टीकाकरण, जीनोम अनुक्रमण, परीक्षण, ट्रैकिंग और निगरानी जैसे उपायों को उनके प्रसार को कम करने के लिए सबसे प्रभावी कदम के रूप में सुझाया गया।

यहां पर बता दें कि दिल्ली में भी संभावित तीसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार ने ग्रेडेड रिस्पांस सिस्टम तैयार किया है। यह ग्रेडेड रिस्पांस सिस्टम कोरोना की संक्रमण दर, सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या और अस्पतालों में मरीजों की संख्या पर तय किया जाएगा। इसके तहत दिल्ली में संक्रमण फैलने वाली जगहों पर पाबंदियां लगने लगेगी।

पीला-

बाजारों और माल में गैर-जरूरी सामान और सेवाओं वाली दुकानों को सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक ऑड-इवेन फार्मूले के अनुसार खोलने की अनुमति होगी। इसके अलावा, दिल्ली के तीनों नगर निगम क्षेत्र में विक्रेताओं की आधी क्षमता पर एक साप्ताहिक बाजार लगाने की अनुमति होगी। निर्माण गतिविधियों और औद्योगिक इकाइयों को संचालित करने की इजाजत होगी।

पीला- नारंगी मिश्रित-

अगर संक्रमण दर लगातार दो दिनों तक एक फीसद से अधिक रहता है या फिर एक सप्ताह में 3,500 नए मामले आते हैं या फिर एक सप्ताह के दौरान औसत 700 से अधिक आक्सीजन बेड भरे रहते हैं तो यह अलर्ट लागू होगा। ऐसे में निर्माण गतिविधियों की अनुमति होगी। बाजारों और माल में दुकानों को आड इवेन के तहत सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खोला जा सकेगा।

नारंगी-

अगर लगातार दो दिनों तक कोरोना संक्रमण की दर दो फीसद से अधिक बनी रहती है या एक सप्ताह के दौरान 9,000 नए मामले दर्ज होते हैं या फिर अस्पताल में औसतन 1000 आक्सीजन बेड लगातार सात दिनों तक भरे रहते हैं तो यह अलर्ट लागू होगा। ऐसी स्थिति में किराना, दूध व केमिस्ट जैसे आवश्यक सामानों की दुकानों को छोड़कर सभी माल और बाजार बंद रहेंगे। मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी, बसों को केवल आवश्यक गतिविधियों में लगे यात्रियों के साथ 50 फीसद बैठने की क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति होगी। ऑटो, कैब, ई-रिक्शा में अधिकतम दो यात्रियों को ले जाने की अनुमति होगी।

लाल

यदि कोरोना की संक्रमण दर लगातार दो दिनों तक पांच फीसद से अधिक हो रहती है या एक सप्ताह में 16,000 नए मामले दर्ज होते हैं या फिर अस्पतालों में औसतन 3000 आक्सीजन बेड एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक भरे रहते है तो यह संकेत प्रभावी होगा। ऐसे में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। यदि श्रमिक साइट पर रह सकते है तो कारखानों में केवल आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन करने की अनुमति दी जाएगी।

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