फिर बदल रहा मौसम का मिजाज, जारी हुई ये चेतावनी

मध्य प्रदेश में एकबार फिर मौसम का मिजाज बदल रहा है। एक साथ तीन वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से मौसम बिगड़ने लगा है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में एकबार फिर मौसम का मिजाज बदल रहा है। एक साथ तीन वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से मौसम बिगड़ने लगा है। हवाओं का रुख बदलने से जहां प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में ठंड से राहत मिली है, वहीं नमी बढ़ने से बादल छाने लगे हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ने लगी हैं।राजधानी भोपाल में पिछले तीन दिनों से हल्के बादल छाए हुए हैं। हालांकि बादल छाने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है।
Weather patterns
मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे में राजधानी भोपाल सहित कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बरसात हो सकती है। खासकर ग्वालियर, चंबल, सागर, उज्जैन संभाग के जिलों में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने इसको लेकर पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान ओले गिरने की भी संभावना है। मौसम का यह मिजाज दो-तीन दिनों तक बना रह सकता है।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और उसके आसपास सक्रिय है। एक द्राणिका लाइन (ट्रफ) अरब सागर से गुजरात होते हुए राजस्थान तक बनी हुई है। इसके प्रभाव से पूर्वी और पश्चिमी हवाओं का टकराव हो रहा है। इसके अतिरिक्त एक प्रेरित चक्रवात दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर बना हुआ है। इन तीन सिस्टम के असर से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है।

इन जिलों में बादल छाए

उत्तरी हवा नहीं चलने और वातावरण में नमी बढऩे से राजधानी सहित भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग, इंदौर संभाग के जिलों में बादल छा गए हैं। इससे न्यूनतम तापमान बढ़ने लगा है। शुक्ला के मुताबिक अभी दो-तीन दिनों तक राजस्थान से लगे प्रदेश के जिलों में बारिश की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अभी दो-तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने के आसार हैं। सात जनवरी के आसपास एकबार फिर हवा का रुख उत्तरी होने से ठंड का एक और दौर शुरू होने के आसार हैं।

सात जनवरी से कम होगा तापमान

मौसम विभाग की मानें तो दो दिन में पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में दाखिल होने की संभावना है। उसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो जाएगी। सात जनवरी के आसपास मौसम साफ होने लगेगा। साथ ही हवा का रुख भी उत्तरी होने लगेगा। सर्द हवाओं के कारण एक बार फिर ठंड का दौर शुरू होने लगेगा।

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