’समावेशी विकास-आपकी आस’ विषय पर मुख्यमंत्री ने साझा किए अपने विचार

छत्‍तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को प्रसारित अपनी रेडियो वार्ता लोकवाणी की दसवीं कड़ी में ‘समावेशी विकास-आपकी आस’ विषय पर श्रोताओं के साथ अपने विचार साझा किए।

रायपुर, 13 सितम्बर यूपी किरण। छत्‍तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को प्रसारित अपनी रेडियो वार्ता लोकवाणी की दसवीं कड़ी में ‘समावेशी विकास-आपकी आस’ विषय पर श्रोताओं के साथ अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, डॉ. अम्बेडकर, शास्त्री, आजाद, मौलाना जैसे हमारे नेता जिस न्याय की बात करते थे, उसी साझी विरासत से हमें विकास का छत्तीसगढ़ी मॉडल मिला है। समावेश का सरल अर्थ होता है- समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना, सभी की भागीदारी, सबके विकास की व्यवस्था।
                   
सभी की आजीविका और बेहतर आमदनी की व्यवस्था समावेशी विकास का मूलमंत्र

मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास की अवधारणा को छत्तीसगढ़ में लागू करने के संबंध में कहा कि समाज के जो लोग चाहे वे छोटे किसान हों, गांव में छोटा-मोटा काम-धंधा करने वाले लोग हों, खेतिहर मजदूर हो, चाहे कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवार की महिलाएं हों सभी के पास कोई न कोई हुनर है, जो उन्हें परंपरागत रूप से मिलता है। समय की मार ने उनकी चमक, उनकी धार को कमजोर कर दिया है। उनके कौशल को बढ़ाया जाए, उनके उत्पादों को अच्छा दाम मिले, अच्छा बाजार मिले तो वे बड़ा योगदान कर सकते हैं। ऐसे सभी लोगों की आजीविका और बेहतर आमदनी की व्यवस्था करना ही समावेशी विकास का मूलमंत्र है।

किसानों को माना अर्थव्यवस्था की धुरी

मुख्यमंत्री ने रेडियो वार्ता के श्रोताओं से कहा कि किसान को जब हम अर्थव्यवस्था की धुरी मान लेंगे तो समझ लीजिए कि समावेशी विकास की धुरी तक पहुंच गए हैं। ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ से प्रदेश के 19 लाख किसानों को लाभ मिल रहा है। दो किस्तों में 3 हजार करोड़ का भुगतान हो चुका है। अब जल्दी ही पूरे 5700 करोड़ रुपये का भुगतान का वादा भी पूरा हो जाएगा।

 
छत्तीसगढ़ ने साबित किया: समावेशी विकास ही सर्वांगीण विकास का रास्ता
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने यह साबित किया है कि समावेशी विकास ही सर्वांगीण विकास का रास्ता है। उन्होंने कहा कि हमने यह देखा कि किसी भी तरह किसानों, ग्रामीणों, आदिवासियों, महिलाओं, युवाओं की जेब में नगद राशि डाली जाए। यह राशि डेढ़ साल में 70 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस तरह प्रदेशवासियों को मान-सम्मान के साथ उनके स्वावलंबन का रास्ता बनाया है। हमारी योजनाओं से हर तबके को लाभ मिला। बिजली बिल हाफ, छोटे भू-खंडों की खरीदी-बिक्री, गाइड लाइन दरों में 30 प्रतिशत कमी, पंजीयन शुल्क में कमी, राजस्व संबंधी मामलों का निपटारा, भूमिहीनों को भूमि प्रदाय और ऐसे  अनेक सुधार किए जिसके कारण आम आदमी का जीवन आसान हुआ। इस तरह लाखों लोगों के हाथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को संभालने में मददगार बने।
 
राजमेरगढ़ और कबीर चबूतरा में सात करोड़ रूपए की लागत से विकसित किए जाएगा ईको रिसार्ट और कैफेटेरिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला गठन के 6 माह के अंदर, वहां करीब 100 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है। कई कार्य प्रगति पर हैं। मरवाही अनुभाग, मरवाही नगर पंचायत, सरकारी अंग्रेजी माध्यम शाला तथा महंत बिसाहूदास उद्यानिकी महाविद्यालय, एक के बाद एक नई-नई उपलब्धियां नए जिले के खाते में जुड़ती जा रही हैं। नए जिले में पर्यटन विकास की संभावनाओं को साकार किया जाएगा। साथ ही इसे ग्रामीण विकास के रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में ही घोषणा करते हुए कहा कि राजमेरगढ़ और कबीर चबूतरा की प्राकृतिक छटा और ऐतिहासिक महत्व का सम्मान करते हुए यहां ईको रिजॉर्ट, कैफेटेरिया तथा अन्य पर्यटन अधोसंरचनाओं का विकास तेजी से किया जाएगा। फिलहाल इसके लिए 7 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य शीघ्र शुरू होंगे।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम और उपचार के लिए किए जा रहे हर संभव उपाय

 
उन्‍होंने प्रदेश में कोरोना संकट से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि मार्च 2020 की स्थिति में केवल एम्स रायपुर में ही कोविड टेस्टिंग की सुविधा थी, जिसे बढ़ाना एक बड़ी चुनौती थी। आज की स्थिति में राज्य के सभी 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज, 4 निजी लैब में आर.टी.पी.सी.आर. टेस्ट, 30 लैब में ट्रू नॉट टेस्ट तथा 28 जिला अस्पतालों सहित सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रैपिड एंटीजन किट से टेस्ट की व्यवस्था कर दी गई है। मार्च 2020 में प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार की सुविधा केवल एम्स रायपुर में थी, लेकिन राज्य शासन ने सुनियोजित कार्ययोजना से अब तक 29 शासकीय, 29 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल, 186 कोविड केयर सेन्टर की स्थापना कर दी है। 19 निजी अस्पतालों को भी उपचार हेतु मान्यता दी गई है। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम और उपचार के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे है।

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