नहीं सुधरेगा चीन, हिंदुस्तान के खिलाफ चला रहा ये खतरनाक प्रोपेगैंडा

हिंदुस्तान और चीन भले ही साथ मिलकर सरहद पर जारी तनाव को कम करने की कोशिशों में लगे हैं, परन्तु बैक डोर से चीन हिंदुस्तान विरोधी प्रोपेगैंडा को बढ़ावा भी दे रहा है।

हिंदुस्तान और चीन भले ही साथ मिलकर सरहद पर जारी तनाव को कम करने की कोशिशों में लगे हैं, परन्तु बैक डोर से चीन हिंदुस्तान विरोधी प्रोपेगैंडा को बढ़ावा भी दे रहा है। जब से चीन ने पीएलए फौजियों की मरने की बात को औपचारिक तौर पर सार्वजनिक किया है, तब से वहां के लोग बौखला गए हैं।

Army of India and China

अब वे हिंदुस्तान विरोधी प्रोपेगेंडा चला रहे हैं, जहर उगल रहे हैं, जिसे चीनी सरकार का भी शह प्राप्त है। चीनी हुकूमत ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले अपने चीनी नागरिकों को मारे गए चार पीएलए सैनिकों से संबंधित वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करने और हिंदुस्तान के विरूद्ध जहर उगलने के लिए फ्री हैंड दे दिया है।

15 जून को गलवान घाटी में खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें हिंदुस्तान के जहां 20 जवान शहीद हुए थे, वहीं कई रिपोर्ट के अनुसार चाइना के 40 से अधिक जवान मरे थे। किंतु 3 दिन पहले चीन ने कबूल किया कि उसके सिर्फ 5 सैनिक ही मरे थे।

चीन में ट्विटर बैन

चीनी हुकूमत के इस कबूलनामे के बाद गलवान खूनी संघर्ष के वीडियो पहली बार शुक्रवार को चीन के ऑफीशियल सोशल मीडिया हैंडल जैसे वीबो, वीचैट और टिकटॉक के स्थानीय संस्करण डॉयिन के माध्यम से साझा किए गए। अभी भी यह खूब शेयर किए जा रहे हैं और ऐसे वीडियोज और फोटोज की चीनी सोशल मीडिया पर बाढ़ आ चुकी है। बता दें कि चीन में ट्विटर बैन है।

चीन में अपने विरूद्ध असंतोष तथा लोगों के गुस्से को दबाने के लिए कम्युनिस्ट हुकूमत ने वहां के लोगों को हिंदुस्तान के विरूद्ध बोलने-लिखने की पूरी आजादी दे दी है। चीन की ऑनलाइन दुनिया में हिंदुस्तान के विरूद्ध प्रोपेगेंडा चल रहा है और हिंदुस्तान विरोधी संदेशों से हैंडल्स पटे पड़े हैं। चीनी ऑनलाइन दुनिया में हिंदुस्तानीय सेना और उसके सैनिकों को बुरे लोगों और हमलावरों के रूप पें चित्रित किया जा रहा है। इंडियन आर्मी को बहुत निगेटिव तरीके से दिखाया जा रहा है।

पैंगोंग झील पर फौजियों के विघटन को पूरा करने की घोषणा करने के लिए रविवार देर रात जारी किए गए चीन-हिंदुस्तान के संयुक्त बयान के बाद भी चीन में हिंदुस्तान-विरोधी गतिविधियां कम नहीं हुई हैं। बौखलाए चीनी गाली-गलौज पर उतर आए हैं और वहां की सोशल मीडिया में हिंदुस्तान विरोधी संदेशों की बाढ़ आ गई है। अपनी खीच उतारने के लिए चीनी सोशल मीडिया यूजर्स अब बीजिंग स्थित हिंदुस्तानी दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बना रहे हैं।

 

 

 

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