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Up kiran,Digital Desk : शुक्रवार को धर्मनगरी हरिद्वार का माहौल थोड़ा अलग और खास रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद संतों के दरबार में पहुंचे। मौका था सभी 13 प्रमुख अखाड़ों के साधु-संतों के सम्मान का। अक्सर हम देखते हैं कि राजनेता चुनावों के समय सक्रिय होते हैं, लेकिन सीएम धामी का यह दौरा भविष्य की एक बड़ी तैयारी की ओर इशारा कर रहा है।

कुंभ 2027 पर बड़ी चर्चा

एक विशेष पंडाल में सजे इस कार्यक्रम में सीएम ने संतों का सम्मान तो किया ही, साथ ही 2027 में होने वाले अर्द्धकुंभ मेले को लेकर मंथन भी किया। अभी 2025 चल रहा है, लेकिन हरिद्वार में इतनी बड़ी भीड़ और आस्था के सैलाब को संभालने के लिए तैयारियां सालों पहले शुरू करनी पड़ती हैं। सीएम और संतों के बीच इसी व्यवस्था और भव्यता को लेकर चर्चा हुई।

इस मौके पर प्रशासन का पूरा अमला मुस्तैद था। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप समेत कई बड़े अधिकारी वहां मौजूद थे ताकि संतों के सुझावों को तुरंत नोट किया जा सके।

आंदोलनकारी को श्रद्धांजलि देने भी जाएंगे

संतों के आशीर्वाद और सम्मान समारोह के बाद, मुख्यमंत्री का एक भावुक कार्यक्रम भी है। वे वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी स्वर्गीय दिवाकर भट्ट के घर जाएंगे। भट्ट जी का उत्तराखंड आंदोलन में बड़ा योगदान रहा है, और उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने सीएम खुद उनके निवास पर पहुंच रहे हैं। यह एक ऐसा पल है जो याद दिलाता है कि उत्तराखंड को बनाने वाले नायकों को सरकार भूली नहीं है।