कासगंज कांड पर CM योगी सख्त : दिया ये आदेश, मुआवजा-नौकरी देने का भी एलान

उत्तर प्रदेश के कासगंज में छापेमारी के दौरान दारोगा को बंधक बनाए जाने और सिपाही की पीट-पीट कर हत्या के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उ

लखनऊ/कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज में छापेमारी के दौरान दारोगा को बंधक बनाए जाने और सिपाही की पीट-पीट कर हत्या के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतक सिपाही के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा एवं आश्रित को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया और घायल दारोगा को बेहतर इलाज करने का निर्देश दिया।
Kasganj scandal

ये है पूरा घटनाक्रम

कासगंज के थाना सिरपुड़ा इलाके में शराब तस्करों को पकड़ने पहुंची पुलिस को शराब तस्करों ने बंधक बना लिया। बेखौफ बदमाशों ने दारोगा, सिपाही को बंधक बनाने के बाद जमकर मारा-पीटा। बदमाशों की पिटाई से सिपाही को मौत हो गई। सिपाही को घाट उतारते हुए दरोगा को भी तस्करों ने बेदम कर दिया और जंगल में एसआई अशोक अर्द्धनग्न हालत छोड़ कर भाग निकले। घटना की सूचना पर पहुंची भारी पुलिस बल को एसआई जंगल में गम्भीर हालत में मिले हैं। उनकी भी स्थिति ठीक नहीं है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शराब तस्करों की इस घटना को लेकर सूचना भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई और शराब तस्करों की तलाश में पुलिस ने इलाके में कॉम्बिंग शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि यह मामला सिढ़पुरा थाने का है और यहां पर कच्ची शराब बनाने का बड़े पैमाने पर माफिया व बदमाश सक्रिय हैं। इसी सूचना पर एसआई पुलिस टीम के साथ दबिश देने गए थे, जहां बदमाशों ने पुलिस टीम को घेर लिया और बंधक बनाते हुए कानून को धता को ताक पर रखते हुए जानलेवा हमला कर सिपाही देवेंद्र को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर व अपर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रकाश वर्मा ने बताया कि दोषियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगा दी गई हैं। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लाकर शराब माफियाओं पर नकेल की नजीर कायम की जाएगी।

कासगंज ने ताजा कर दी बिकरू कांड की यादें

यूपी के कासगंज जिले में शराब तस्करों द्वारा अंजाम दी गई घटना ने एनकाउंटर में मारे गए मोस्टवांटेड हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के गैंग द्वारा बीते साल कानपुर के बिकरू कांड की याद को ताजा कर दिया है। बीते साल 2020 की जुलाई माह की दो तारीख की स्याह रात को विकास दुबे ने अपने गिरोह के साथ दबिश देने गई पुलिस टीम को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद मंगलवार को कासगंज में बेखौफ शराब माफियाओं ने ठीक उसी तरह बिकरू कांड जैसी घटना को दोहराया है।

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