कांग्रेस बोली- ‘वन रैंक, वन पेंशन’ पर मोदी सरकार की धोखेबाजी फिर उजागर

‘वन रैंक, वन पेंशन’ को लागू नहीं करने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लिया है।

‘वन रैंक, वन पेंशन’ को लागू नहीं करने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लिया है। उसका कहना है कि ये सरकार लगातार सेना के साथ धोखा करने और जवानों के हितों पर कुठाराघात करने का काम कर रही है। सैन्य अफसरों की आधी पेंशन काटकर तथा एक रैंक के अधिकारियों की पेंशन में विभिन्नता ने मोदी सरकार की एक और धोखेबाजी को उजागर किया है।

Uttarakhand Congress

कांग्रेस की मांग है कि सैनिकों को धोखा देने के बजाय यूपीए सरकार का 26 फरवरी,2014 का आदेश लागू करने के साथ एक अप्रैल,2014 से सेना में एक समान सेवा करने वाले व एक ही रैंक से रिटायर होने वाले सभी सैनिकों को एक समान पेंशन दी जानी चाहिए।

कांग्रेस महासचिव एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि मनमाने ढंग से ‘वन रैंक, वन पेंशन’ को कमजोर कर मोदी सरकार ने 30 लाख भूतपूर्व सैनिकों को निराश किया है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि मोदी सरकार ने आज तक भी ‘वन रैंक – वन पेंशन’ लागू नहीं की, जबकि कांग्रेस (यूपीए सरकार) ने 26 फरवरी,2014 को इसे लागू करने का आदेश दिया था। वर्तमान की सरकार सिर्फ नारों में हमारे सैनिक और राष्ट्रवाद की जय करते हैं।

जबकि कांग्रेस ने 2004 से 2012 के बीच तीन बार भूतपूर्व सैनिकों की पेंशन में वृद्धि की, जिससे 7000 करोड़ रुपये का कुल वित्तीय आउटफ्लो हुआ और पेंशन का अंतर कम हुआ।

सेना के प्रति कांग्रेस पार्टी की नीतियों को रखते हुए सुरजेवाला ने कहा कि 26 फरवरी,2014 को वन रैंक, वन पेंशन’ का आदेश कांग्रेस-यूपीए सरकार द्वारा जारी कर दिया गया। कांग्रेस के लिए ‘वन रैंक वन पेंशन’ का मतलब साफ है कि सशस्त्र बलों में एकसमान समय तक सेवा करने के बाद एक ही रैंक से रिटायर होने वाले सभी कर्मचारियों को एकसमान पेंशन दी जाए, फिर चाहे उनकी रिटायरमेंट की तारीख अलग क्यों न हो। लेकिन मोदी सरकार ने 07 नवम्बर,2015 को नया आदेश निकाल सेना के 30-40 प्रतिशत लोगों से ‘वन रैंक, वन पेंशन’ पूरी तरह से छीन ली। मोदी सरकार के नोटिफिकेशन की क्लॉज़-4 के मुताबिक 20 साल के बाद स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति लेने वाले लोगों को ‘वन रैंक वन पेंशन’ का लाभ नहीं दिया जाएगा। यही नहीं मोदी सरकार ने यह भी शर्त लगाई कि हर 5 साल बाद पेंशन पर पुनर्विचार होगा।

विभिन्न तरीके से सेना और जवानों के साथ धोखा करने वाली इस सरकार का नया शिगूफा 20 अक्टूबर,2020 को आया। इस बार उन्होंने सैन्य अफसरों की ‘आधी पेंशन’ काटने का फरमान जारी कर दिया, जिसने ‘वन रैंक, वन पेंशन के सिद्धांत को ही खत्म कर दिया। जब पेंशन ही आधी रह जाएगी, तो फिर ‘ओआरओपी’ कैसे मिलेगी।

ऐसे में कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सेना और सैनिकों को फायदा पहुंचाने की मंशा से मोदी सरकार यूपीए के ‘ओआरओपी’ संबंधी आदेश को लागू करे तथा सेना में एक समान सेवा करने वाले और एक ही रैंक से रिटायर होने वाले सभी सैनिकों को एक समान पेंशन देना सुनिश्चित करे।

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