कारोबारियों के लिए कोरोना बना गंभीर संकट, त्योहारी सीजन में भी मूर्तिकारों का धंधा चौपट

अक्टूबर में हर साल नेपाल में दुर्गा पूजा के कारण आर्थिक गतिविधियां अपने सबाब पर होती थीं और बाजारों में चहल पहल रहती थी

काठमांडू, 15 अक्टूबर, यूपी किरण। अक्टूबर में हर साल नेपाल में दुर्गा पूजा के कारण आर्थिक गतिविधियां अपने सबाब पर होती थीं और बाजारों में चहल पहल रहती थी। बाजार मूर्तियों, गहनों और साजो समान से पटे रहते थे परन्तु अबकी बार सब कुछ बदल गया है। इस साल कोरोना वायरस महामारी के कारण मूर्तिकारों और इस व्यवसाय से जुड़े हुए कारोबारियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें है। सारा उत्साह ठंडा पड़ चुका है ।
बाजारों में लोगों के इकट्ठा होने सरीखे कई तरह के प्रतिबंधों के कारण सन्नाटा है। इन व्यवसाय से जुड़े हुए लोग भविष्य को लेकर असमंजस में है।
ऐसी ही मूर्ति निर्माता फूलन देवी ने इस साल केवल दो मूर्तियां बनाई हैं। कई मूर्तिकार जो पीढ़ियों से इस व्यवसाय से जुड़े हैं, उनको कोरोनावायरस ने अनिश्चितता में धकेल दिया है। फूलन देवी ने बताया कि हम हर साल दुर्गा जी की तीन-चार मूर्तियों के साथ अन्य देवताओं की मूर्तियां बेच देते थे। अकेले विश्वकर्मा भगवान की 100 मूर्तियां बेचते थे परन्तु इस साल विश्वकर्मा की एक भी मूर्ति नहीं बिकी।

 

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