#UPPOLICE के लिए मायने नहीं रखते न्यायालय के स्थगन आदेश, सांठ-गांठ जारी

वादी सुनील विश्वकर्मा की तरफ से सीमांकन कराये जाने हेतु एसडीएम फूलपुर के यहां धारा 24 दाखिल किया गया है। जब तक धारा 24 का निस्तारण नहीं हो जाता नवनिर्माण पर रोक है। बावजूद इसके प्रतिवादी रामअचल विश्वकर्मा द्वारा स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से गलत तरीके से निर्माण कराया गया।

फूलपुर। कोतवाली क्षेत्र के ईसापुर गांव में फूलपुर कोतवाल की शह पर जबरन निर्माण कराया गया। कोतवाल फूलपुर ने वादीपक्ष के सुनील विश्वकर्मा सहित आधा दर्जन लोगों को अकारण हिरासत में लेकर दो दिन कोतवाली में बैठाये रखा। हिरासत में लिये गये लोगों को काफी मारापीटा भी। कोतवाली फूलपुर की पुलिस ने वादीपक्ष को हिरासत में रखकर प्रतिवादी रामअचल विश्वकर्मा को दिनरात निर्माण कार्य कराने का पूरा मौका दिया। जबकि उक्त जमीन पर एसडीएम फूलपुर और तहसीलदार फूलपुर द्वारा नवनिर्माण न कराये जाने का लिखित आदेश प्रदान किया गया था। इसके अलावा दीवानी न्यायालय आज़मगढ़ से भी 23 नवम्बर तक स्थगन आदेश प्रभावी है।

isapur azamgarh

जानकारी के मुताबिक वादी सुनील विश्वकर्मा की तरफ से सीमांकन कराये जाने हेतु एसडीएम फूलपुर के यहां धारा 24 दाखिल किया गया है। जब तक धारा 24 का निस्तारण नहीं हो जाता नवनिर्माण पर रोक है। बावजूद इसके प्रतिवादी रामअचल विश्वकर्मा द्वारा स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से गलत तरीके से निर्माण कराया गया। वादीपक्ष का आराजी नम्बर 75 और प्रतिवादी का आराजी नम्बर 76 है। कहने को तो प्रतिवादी अपने आराजी नम्बर 76 में निर्माण करवा रहा है परन्तु 75 का करीब 10 फिट हिस्सा लगा हुआ है। जब तक पैमाइश होकर सीमांकन नहीं हो जाता तब तक यह स्पष्ट नहीं है कि 75 और 76 नम्बर की सीमा कहां से कहां तक लगती है।

स्थानीय पुलिस प्रशाशन द्वारा वादीपक्ष के ऊपर किये गये दमनात्मक कार्यवाही से सभी दहशत में हैं। रविवार को प्रतिवादी द्वारा निर्माण कार्य शुरू होते ही वादी पक्ष ने 112 नम्बर पर फोन किया। मौके पर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई पर एकतरफा कार्यवाही करते हुये वादीपक्ष के सभी लोगों को 3 बार में गिरफ्तार कर कोतवाली फूलपुर में बंद कर दिया।

इतना ही नहीं, उसी दिन शाम को महिला पुलिसकर्मियों के साथ वादी के घर पहुंची कोतवाली पुलिस ने महिलाओं को भी मारापीटा व प्रतिवादी के निर्माण में दखल न देने की हिदायत दिया। प्रतिवादी मौका पाकर दिनरात लगातार निर्माण करवाता रहा। कोतवाल फूलपुर के इस एकतरफा और दमनात्मक कार्यवाही से क्षेत्र में रोष व्याप्त है। वादीपक्ष ने कोतवाली फूलपुर पुलिस से प्रतिवादी की सांठगांठ की जांच की मांग की है।

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