काढ़ा बनाते समय ना करें ये गलतियां, वरना फायदे की जगह होगा नुकसान

यदि आप काढ़े का रोजाना सेवन नहीं कर रहे हैं तो उसे कम मात्रा में लेना ही उचित होगा

डॉक्टरों के मुताबिक, काढ़ा बनाते समय जाने अनजाने में लोग कई मर्तबा ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे बदन पर इसका उल्टा असर होने लगता है। हां, क्योंकि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले काढ़े में यदि सही मात्रा में लाभकारी तत्वों का ध्यान नहीं रखा गया तो इसके नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं। अब आज हम इसकी के संबंध में बताएंगे।

KADHA- Diet

जानकारों ने बताया कि काढ़ा पीने वालों की आयु, मौसम व सेहत पर नजर रखना बहुत अहम है। ऐसे में कमजोर स्वास्थ्य वाले लोग जो नियमित रूप से काढ़ा पीते हैं उन्हें कई बड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जैसे कि नाक से खून बहना, मुंह के छाले, गैस-कब्ज, पेशाब की शिकायत और पाचन संबंधी समस्याएं। यदि ऐसा है तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं।

काढ़ा बनाने में बहुधा लोग काली मिर्च, दालचीनी, हल्दी, गिलोय, अश्वगंधा, इलायची व सोंठ का उपयोग करते हैं। ये सभी वस्तुएं आपके बदन को बहुत गर्म बनाती हैं। ऐसे में बॉडी का टेम्परेचर अचानक बढ़ने से नाक से खून बहने या गैस संबंधित शिकायत हो सकती है। इनका प्रयोग कम करें।

आपको बता दें कि जुकाम से पीड़ित लोगों के लिए काढ़ा पीना बढ़िया इलाज है, हालांकि कुछ लोगों को इसमें बड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। सबसे खास उन लोगों को जिन्हें पित्त की दिक्कत है। क्योंकि इन लोगों को काढ़े में काली मिर्च, सोंठ वर दालचीनी का उपयोग करते समय खास सतर्कता बरतनी चाहिए।

यदि आप काढ़े का रोजाना सेवन नहीं कर रहे हैं तो उसे कम मात्रा में लेना ही उचित होगा। ध्यान रहे काढ़ा बनाते समय बर्तन में केवल सौ मिलीलीटर पानी डालें। फिर महत्वपूर्ण चीजों को मिलाने के बाद उसे तब तक उबालें जब तक पानी आधा ना हो जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close