प्रशासन के सख्त रवैये से सड़कों- गलियों, चैराहों पर पसरा सन्नाटा, रात-दिन ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों के लिए पानी की नहीं कोई सुविधा

 

अपर पुलिस अधीक्षक, कोतवाल व सीओ लगातार ले रहे हैं लाक डाउन का जायजा

तैनात पुलिस कमिर्यों के लिए नगर पालिका परिषद अकबरपुर द्वारा नही कराया जा रहा पेयजल की व्यवस्था

रिपोर्ट – सौरभ चतुर्वेदी

अम्बेडकरनगर।। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी जिससे विश्व के अधिकांश देश हलकान हैं। ऐसे में देश में भी मरने वालों की संख्या में दिन-प्रतिदिन बड़ी तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। प्रशासन की सख्ती का असर आज पहली बार जिला मुख्यालय पर कामयाब होता दिखाई पड़ा। एक तरफ जहां पूरे देश में लाक डाउन की स्थिति बनी हुई है।

कोरोना वायरस की जंग में पूरा देश प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के साथ एकजुट खड़ा है। वहीँ कुछ जाहिल किस्म के तत्व लाक डाउन को विफल बनाने पर तुले हुए हैं। अम्बेडकरनगर मुख्यालय का आलम यह था कि यहां की कुछ जनता किसी न किसी बहाने से घरों के बाहर निकलती दिखाई दे रही थी, सरकार द्वारा दिये गये आवश्यक कार्यों के लिए छूट का नाजायज फायदा भी उठा रही थी। पुलिस प्रशासन भी उन बहानों के आगे मजगूर हो जाती थी।

आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने का समय निर्धारित होने के बावजूद भी पूरे दिन भर लोग बहाना बनाकर आते-जाते दिखाई दे रहे थे। लेकिन जब से अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार मिश्र के निर्देशन में ड्रोन कैमरे से मुख्यालय के आबादी वाले कस्बों पर निगरानी रखकर, जिनके घरों के सामने लोग इकट्ठा दिख रहे उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करके कार्यवाही शुरू की गयी, तब से जिला मुख्यालय पर पहली बार बिना आवश्यक कार्य के कोई जनमानस नही दिखाई दिया।

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पुलिस के वीर जवानों एवं डाक्टरों को देखिए जो कि अपने जान को जोखिम में डालकर पूरी निष्ठा के साथ इस महामारी से लड़ने के लिए दिन रात एक करके ड्यूटी कर रहे हैं। अम्बेडकरनगर का आलम यह है कि तहसील तिराहे पर ड्यूटी कर रहे पुलिस के सिपाहियों के लिए पेय जल की भी व्यवस्था नही की गयी है। इस कड़ी चिलचिलाती धूप में वे अपने कर्तव्य को बखूबी निभा रहे हैं। वास्तव में इसका जिम्मेदार कौन है? नगर पालिका प्रशासन अथवा पुलिस के आलाधिकारी? यह समझ नही आ रहा है।

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प्रवेश करने वाले वाहनों की दिन रात निगरानी कर रहे हैं, अब तो कुछ गिनती के वाहनों का चलना भी शुरू हो गया है, वजह है लाकडाउन में सरकार द्वारा चलाया गया ई-पास पोर्टल सेवा। बात करें ई-पास सेवा पोर्टल की तो ये उन जरूरतमंदों के लिए है जो जनपद के बाहर किसी विसम परिस्थिति में फंसे हों वे ई-पास पोर्टल पर जाकर आवेदन करके अपने जिला मुख्यालय से दो दिन के लिए पास प्राप्त कर सकते हैं। ई पास के चलते जिले में कुछ वाहनों का आवागमन शुरू होता दिखाई दे रहा है।

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