UP में सुधरेगी बिजली आपूर्ति व्यवस्था, अगले वर्ष जून तक शुरू हो जाएंगे इतने नए ट्रांसमिशन उपकेंद्र

लखनऊ, 03 सितम्बर ।  उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री पंडित श्रीकान्त शर्मा ने बुधवार को यहां बताया कि प्रदेश में अगले वर्ष जून तक 50 नए ट्रांसमिशन उपकेंद्र शुरू हो जाएंगे। ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा आज उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

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इस दौरान उन्होंने अगले साल संभावित ऊर्जा मांग के अनुरूप पारेषण क्षमता, आयात क्षमता व लो वोल्टेज की दिक्कत को दूर करने के लिए बनाये जा रहे उपकेंद्रों का काम शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इस वर्ष सर्वाधिक मांग 23419 मेगावाट रही है। जिसे हमने सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हम लगातार अपने नेटवर्क में सुधार कर रहे हैं।

अगले वर्ष की गर्मियों में निर्बाध आपूर्ति के लिए आवश्यक तंत्र विकसित करने का काम भी किया जा रहा है। बताया कि वर्ष 2021 की गर्मियों में अधिकतम ऊर्जा मांग 26500 मेगावाट  रहने की उम्मीद है। इसके लिए आयात क्षमता और पारेषण क्षमता को क्रमशः 14000 तथा 28000 मेगावाट तक बढ़ाया जाएगा। मौजूदा समय में आयात क्षमता जहां 12300 मेगावाट है वहीं ग्रिड की पारेषण क्षमता 24500 मेगावाट है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए कारपोरेशन चरणबद्ध ढंग से 50 नये ट्रांसमिशन उपकेंद्रों का निर्माण कर रहा है, जो जून 2021 तक बनकर चालू भी हो जाएंगे। इससे प्रदेश के 50 से ज्यादा जनपदों के निवासियों को अनावश्यक ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या से निजात मिल जाएगी। साथ ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यक पारेषण नेटवर्क भी बन जायेगा।

श्री शर्मा ने बताया कि कारपोरेशन वर्ष 2025 तक आवश्यक मांग के अनुरूप पारेषण नेटवर्क विकसित करने की कार्ययोजना पर काम कर रहा है। वर्ष 2025 तक कुल मांग 31500 मेगावाट होने की उम्मीद है। इसके सापेक्ष आवश्यक पारेषण तंत्र के साथ ही कुल 198 नये पारेषण उपकेंद्र भी बनाये जाएंगे। साथ ही पारेषण क्षमता भी 34000 मेगावाट व आयात क्षमता 16000 मेगावाट तक बढ़ाई जाएगी।

 

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