लता मंगेशकर ने छोड़ दिया था ये गाना: आशा भोसले ने अपनी आवाज से बना दिया अमर; फीस भी ली 5 गुना ज्यादा, क्या आपने सुना?
लता दीदी ने क्यों ठुकरा दिया था करियर का सबसे बड़ा गाना?
महान गायिका लता मंगेशकर और आशा भोसले के बीच की जुगलबंदी और उनके गानों के किस्से आज भी बॉलीवुड गलियारों में बड़े चाव से सुने जाते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया संगीत के सुनहरे दौर में हुआ था, जब एक मशहूर संगीत निर्देशक एक बेहद खास और थोड़े चुलबुले, बोल्ड अंदाज वाले गाने की धुन लेकर लता दीदी के पास पहुंचे थे। हालांकि, अपनी साफ-सुथरी और संजीदा गायकी की छवि के कारण लता मंगेशकर को लगा कि उस गाने के बोल और मिजाज उनकी आवाज पर फिट नहीं बैठेंगे। सामाजिक और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए लता जी ने बेहद शालीनता से उस गाने को गाने से इनकार कर दिया।
आशा भोसले की एंट्री और गाने को अमर बनाने की कहानी
लता मंगेशकर के मना करने के बाद संगीतकार निराश नहीं हुए और उन्होंने तुरंत इंडस्ट्री की सबसे वर्सटाइल (बहुमुखी) गायिका और लता जी की छोटी बहन आशा भोसले से संपर्क किया। आशा ताई तो ऐसे ही चुनौतीपूर्ण और नटखट गानों को अपनी जादुई आवाज से जिंदा करने के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने गाने की स्क्रिप्ट देखते ही तुरंत हां कह दी। जब यह गाना रिकॉर्ड होकर मार्केट में आया, तो इसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। आशा भोसले की खनकती और कशिश भरी आवाज ने उस साधारण से दिखने वाले ट्रैक को भारतीय सिनेमा का एक अमर और सदाबहार गीत बना दिया, जो आज भी शादियों और पार्टियों की शान है।
दबंगई से वसूली 5 गुना ज्यादा फीस, आज भी लोग गुनगुनाते हैं धुन
इस गाने से जुड़ा सबसे बड़ा ट्विस्ट इसकी फीस को लेकर था। दरअसल, उस दौर में जो गाना लता मंगेशकर छोड़ देती थीं, उसे अक्सर दूसरी गायिकाओं को कम बजट में ऑफर किया जाता था। लेकिन आशा भोसले अपनी शर्तों पर काम करने के लिए मशहूर थीं। उन्होंने इस गाने के ब्लॉकबस्टर पोटेंशियल को पहले ही भांप लिया था और इसके लिए मेकर्स से उस समय लता जी को मिलने वाली तय फीस से करीब 5 गुना ज्यादा की रकम वसूल कर सबको चौंका दिया था। मेकर्स ने भी उनकी प्रतिभा को देखते हुए खुशी-खुशी यह रकम चुकाई। क्या आपने कभी इस ऐतिहासिक गाने को सुना है और इसके पीछे की इस मजेदार जंग के बारे में जानते थे?