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Up kiran,Digital Desk : फतेहपुर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसने पूरे उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को झकझोर कर रख दिया है। एक युवा लेखपाल, जिसकी कुछ ही दिनों में शादी होने वाली थी, उसने काम के अत्यधिक दबाव और अधिकारियों के कथित उत्पीड़न से तंग आकर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है।

शादी की तैयारियों के बीच तनाव का साया

मामला बेहद संवेदनशील है। फतेहपुर में तैनात लेखपाल सुधीर कुमार की 26 नवंबर को शादी होनी थी। घर में खुशियों का माहौल था और रस्में शुरू होने वाली थीं। सुधीर लगातार अपने उच्च अधिकारियों से अपनी शादी के लिए छुट्टी मांग रहे थे। लेकिन आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी।

संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह का कहना है कि सुधीर को 'एसआईआर' (SIR - मतदाता सूची पुनरीक्षण) काम के चलते छुट्टी नहीं दी गई। जब वह 22 नवंबर की बैठक में शामिल नहीं हो पाए, तो एसडीएम ने उन्हें सस्पेंड (निलंबित) कर दिया। सोचिए, एक व्यक्ति जिसकी शादी सर पर है, उसे छुट्टी की जगह सस्पेंशन लेटर मिल रहा हो, उस पर क्या गुजर रही होगी।

"नौकरी से भी हाथ धो बैठोगे..."

संघ का आरोप है कि सुधीर जब छुट्टी की गुहार लेकर घर आ गए, तब भी अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा। आरोप है कि एसडीएम और नायब तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक उनके घर पहुंच गए और धमकी दी कि काम पूरा करो या किसी और को पैसा देकर करवाओ, वरना सस्पेंड तो हुए ही हो, नौकरी से बर्खास्त भी कर दिए जाओगे। कहा जा रहा है कि इसी अपमान और मानसिक दबाव को सुधीर झेल नहीं पाए और उन्होंने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लिया।

सड़कों पर उतरा लेखपाल संघ

इस घटना के बाद लेखपालों का सब्र जवाब दे गया है। शुक्रवार को यूपी के सभी तहसील मुख्यालयों पर लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने एसआईआर (SIR) से जुड़े सभी कामों, खासकर बीएलओ ड्यूटी का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया है। उनकी मांग साफ़ है:

दोषी पीसीएस अधिकारी और राजस्व निरीक्षक पर हत्या के उकसाने (FIR) का मुकदमा दर्ज हो।

पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।

उत्पीड़न तत्काल बंद हो।

कांग्रेस ने दिया साथ, अजय राय बोले- "अराजकता है"

इस दुखद घटना ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस पार्टी लेखपालों के समर्थन में खड़ी हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पूरे प्रदेश में एसआईआर काम को लेकर अराजकता मची हुई है। अफसर बीएलओ पर अनुचित दबाव बना रहे हैं।

शुक्रवार को अजय राय देवरिया में बीएलओ रंजू दुबे (जिनकी काम के दौरान मौत हो गई थी) के घर भी पहुंचे और सांत्वना दी। उन्होंने फतेहपुर की घटना पर सरकार को घेरते हुए कहा कि कर्मचारियों पर इतना दबाव बनाना अमानवीय है। उन्होंने भी सुधीर के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग की है।

फिलहाल, लेखपाल अपनी मांगों पर अड़े हैं और काम ठप होने से सरकारी कामकाज पर बड़ा असर पड़ रहा है। यह घटना सवाल खड़ा करती है कि क्या प्रशासनिक काम, इंसान की जिंदगी और खुशियों से ज्यादा कीमती है?