सरकार ने किया ऐलान, अब इन लोगो को मिलेंगे तीस-तीस लाख रूपए

बिहार में चुनाव की तारीख का ऐलान हो चुका है। इलेक्शन कमीशन राजनीतिक रैलियों के साथ राजनीतिक बैठकें आयोजित कर सकता है।

पटना॥ बिहार में चुनाव की तारीख का ऐलान हो चुका है। इलेक्शन कमीशन राजनीतिक रैलियों के साथ राजनीतिक बैठकें आयोजित कर सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने गुरुवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा, चुनाव आयोग राज्य में सुरक्षित, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है कि कोरोना से चुनाव कार्यकर्ताओं की मृत्यु पर 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

खबर के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस चुनाव में न सिर्फ आभासी चुनाव अभियान, बल्कि वास्तविक चुनाव बैठकें भी होंगी। कमशीन ने पब्लिक बैठकों और रैलियों के लिए सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट से उपलब्ध हॉल और मैदानों की एक लिस्ट तैयार की है। कुछ स्थानों पर, मैदानी क्षेत्रों में गोलाकार निशान भी बनाए गए हैं, ताकि सामाजिक दूरी के तहत इस तरह की बैठकें आयोजित की जा सकें।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि जिलाधिकारी तथा एसपी की सहायता से सीईओ इस काम को देखेंगे। 2 गज का मानक रखना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा और विधानसभा चुनावों में बहुत अंतर है, इसे देखते हुए कमीशन ने कई फैसले लिए हैं। मतदान केंद्रों की संख्या 65,000 से बढ़ाकर 1 लाख 6 हजार से ज्यादा कर दी गई है। 2015 में जहां 6.7 करोड़ मतदाता थे, वहीं बिहार में 2020 में 7.29 करोड़ मतदाता हैं

मुख्य चुनाव आयुक्त बताया के ये इलेक्शन कोविड-19 महामारी में चल रहा है, जो एक आसान काम नहीं है, लेकिन मुश्किल है। हालांकि, कोरोना संक्रमण अवधि में चुनाव कराने को भी गलत निर्णय नहीं कहा जा सकता है। साथ ही चुनाव आयुक्त ने कहा, अगर सोशल मीडिया द्वारा धार्मिक और जातीय भावनाओं को उकसाया जाता है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आईटी और आईपीसी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

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