रात में कभी भी नहीं पीनी चाहिए Green Tea, हो सकती है ये बड़ी Problem

कहते हैं ग्रीन टी सेहत के लिए काफी लाभदायक होती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीरी को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं लेकिन ये तभी फायदा पहुंचाती...

नई दिल्ली। कहते हैं ग्रीन टी सेहत के लिए काफी लाभदायक होती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं लेकिन ये तभी फायदा पहुंचाती है जब इसे सही मात्रा और सही समय पर लिया जाये। कुछ लोग एक दिन में कई कप ग्रीन टी पी जाते हैं। वहीं कई लोग इसे रात को सोने से पहले पीना पसंद करते हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो ग्रीन टी का आपकी नींद पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इसे रात में पीने से बचना चाहिए।

GREEN TEA

कब पियें ग्रीन टी

ग्रीन टी पीने के सही समय को लेकर बहुत अधिक शोध नहीं हुए हैं लेकिन माना जाता है कि ग्रीन टी में मौजूद कैफीन नींद को प्रभावित कर सकती है और मस्तिष्क की सतर्कता को बढ़ाकर नींद में बाधा डाल सकती है। हालांकि ऐसा कोई शोध भी मौजूद नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि ग्रीन टी का सेवन रात में करना चाहिए या नहीं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने से पहले अधिक तरल पदार्थ का सेवन करने से बार-बार पेशाब जाने की समस्या हो सकती है जो कि नींद को बाधित करती है। ऐसे में अगर आप भी रात में ग्रीन टी का सेवन करते हैं तो कम मात्रा में करनी चाहिए। हो सके तो इसे सोने से 2-3 घंटे पहले पियें।

ज्यादा मात्रा में न पिएं

  • एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक दिन में दो-तीन कप से अधिक Green Tea नहीं पीनी चाहिए। आप दिन और शाम के समय Green Tea पी सकते हैं।
  • अधिक मात्रा में ग्रीन टी के सेवन से उबकाई, नींद न आने की समस्या और एनीमिया हो सकता है।

ग्रीन टी क्यों पीनी चाहिए?

ग्रीन टी को कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की पत्तियों से बनाया जाता है। इन पत्तों में एंटीऑक्सिडेंट समेत और भी कई सारे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। ग्रीन टी नर्व्स को आराम देने, मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बढ़ाने और शरीर में मुक्त कणों से होने वाली कोशिकाओं की क्षति को कम करने में मददगार होती है।

ग्रीन टी में कैटेचिन नामक यौगिक के साथ ही एपिगैलोकैटेचिन (ईजीसी) नाम का एंटीऑक्सिडेंट भी पाया जाता है। इसके साथ ही इसमें थीनाइन नाम का एमिनो एसिड भी होता है जो कि नर्व्स को आराम देने का काम करता है। इस एसिड से मस्तिष्क के स्वास्थ्य में सुधार होता है, याददाश्त बढ़ती है, तनाव कम होता है और अच्छी नींद आती है।

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