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Up kiran,Digital Desk : दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना और भारत के बीच गहराते सांस्कृतिक संबंधों की एक भव्य झलक आज अयोध्या में देखने को मिली। गुयाना के उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव शनिवार सुबह रामनगरी पहुंचे और प्रभु श्री रामलला के दर्शन किए। उनका यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या की बढ़ती पहचान का भी प्रतीक है।

वाल्मीकि एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव का निजी विमान शनिवार सुबह 9:40 बजे अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरा। यहां जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका औपचारिक स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे सुरक्षा घेरे के बीच राम जन्मभूमि परिसर के लिए रवाना हुए।

रामलला के दर्शन और निर्माण कार्यों का अवलोकन

डॉ. जगदेव सुबह करीब 11:15 बजे राम मंदिर परिसर पहुंचे।

दर्शन पूजन: उन्होंने रामलला की भव्य मूर्ति के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की।

तीन घंटे का प्रवास: उपराष्ट्रपति करीब तीन घंटे तक मंदिर परिसर में रुकेंगे। इस दौरान वे मंदिर निर्माण के दूसरे चरण के कार्यों और नक्काशी का बारीकी से अवलोकन करेंगे।

ट्रस्ट द्वारा ब्रीफिंग: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधियों और आर्किटेक्ट्स की टीम उन्हें परियोजना की प्रगति और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दे रही है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के दौरे को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। एयरपोर्ट से लेकर मंदिर परिसर तक के रूट पर भारी पुलिस बल तैनात है। दर्शन और निरीक्षण के बाद डॉ. जगदेव सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे, जहाँ से वे अपने अगले गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगे।

सांस्कृतिक संबंधों की नई कड़ी

गुयाना में भारतीय मूल के लोगों की एक बड़ी आबादी रहती है, जो हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है। डॉ. भरत जगदेव का यह दौरा दोनों देशों के बीच साझा विरासत और 'सॉफ्ट पावर' डिप्लोमेसी को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।