Hanuman Chalisa Doha: बीमारी से हैं परेशान तो करें हनुमान चालीसा के इस दोहे का जाप, मिलेगी मुक्ति

राम भक्त हनुमान को कलयुग में के साक्षात देवता के रूप में माना जाता है। कहते हैं हनुमान जी आज भी साक्षत विद्यमान हैं। हनुमान जी की आराधना मंगलवार के...

राम भक्त हनुमान को कलयुग में के साक्षात देवता के रूप में माना जाता है। कहते हैं हनुमान जी आज भी साक्षत विद्यमान हैं। हनुमान जी की आराधना मंगलवार के दिन की जाती है। मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना से भक्त के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। आज के समय की भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान किसी न किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। लाख इलाज के बाद भी उसके स्वास्थ्य में सुधर नहीं हो पा रहा है।

HANUMAN CHALISA

ज्योतिषी बताते हैं कि हिन्दू धर्म के प्राचीन वेद और शास्त्रों में कई ऐसे मंत्रों का जिक्र किया गया है जिनका नियमित जाप करने से मनुष्य को हर रोग से मुक्ति मिल सकती है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि आयुर्वेद में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि मंत्रों के नियमित जाप और धार्मिक अनुष्ठानों के बल पर कई असाध्य रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। आज हम आपको बताएंगे डॉक्टरी इलाज के साथ-साथ धार्मिक मान्यतानुसार हनुमान चालीसा में वर्णित दोहो के निरंतर जाप से आप गंभीर से गंभीर बीमारियों से मुक्ति पा सकते हैं।

धार्मिक शास्त्रों में बताया गया है कि राम भक्त भगवान हनुमान को कलयुग का देवता कहा जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी आज भी पूरे संसार में अपनी सचेत देह के साथ विचरण करते हैं और जो भी भक्त उन्हें सच्चे मन से याद करता है वे उसके सभी संकट हर लेते हैं। पंडित बताते हैं कि हनुमान जी की आराधना-भक्ति से कई तरह के रोगों से भी मुक्ति पाई जा सकती है।

जानकारों का कहना है कि हनुमान चालीसा में वर्णित कई दोहे तो ऐसे भी हैं जिनके नियमित जाप से गंभीर से गंभीर रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है.

ये हैं हनुमान चालीसा के वे दोहे

पहला दोहा

बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवनकुमार। बल बुधि बिद्या देहु मोहि हरहु कलेस बिकार।

दूसरा दोहा

नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।

मान्यता है कि इनके निरंतर और नियमित जाप से आप कई असाध्य रोगों से निजात पा सकते हैं।