Up kiran,Digital Desk : हल्द्वानी: अक्सर कहा जाता है कि अगर हुनर को सही मंच मिल जाए, तो वह कमाल कर दिखाता है। इन दिनों हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। यहाँ चल रहा 'सहकारिता महोत्सव' नैनीताल और आस-पास के पहाड़ी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए वाकई 'लक्ष्मी' बनकर आया है।
मेले की रौनक देखते ही बन रही है। यहाँ लगी दुकानों (स्टालों) पर ग्राहकों की भीड़ है और सबसे अच्छी बात यह है कि यह भीड़ सिर्फ देखने वालों की नहीं, बल्कि खरीदारों की है। क्या कपड़े और क्या पहाड़ी दालें, हर चीज़ हाथों-हाथ बिक रही है।
घरेलू हुनर से आत्मनिर्भरता की उड़ान
इस महोत्सव ने उन महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) को एक नई पहचान दी है, जो कल तक सिमित संसाधनों में काम कर रहे थे। हल्द्वानी के लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष बरखा शर्मा बेहद खुश नजर आईं। उनके स्टाल पर आपको आर्टिफिशियल ज्वैलरी से लेकर घर का बना शुद्घ अचार, तरह-तरह का आटा और पहाड़ी दालें मिल जाएंगी। बरखा बताती हैं कि लोगों को उनके प्रोडक्ट्स खूब पसंद आ रहे हैं।
कुछ ऐसा ही हाल कोटाबाग से आईं शक्ति स्वयं सहायता समूह की सरोज गोस्वामी का है। वो पहाड़ का स्वाद, यानी अचार और बढ़ियाँ (Badi) लेकर आई हैं। जिसे लोग खूब खरीद रहे हैं। वहीं, तल्ली बमौरी (हल्द्वानी) के अर्जिता समूह की संध्या कटियार भी पीछे नहीं हैं। सर्दियों का मौसम है, तो उनके स्टाल पर ऊनी कपड़ों और सुंदर बैग्स की अच्छी खासी डिमांड है।
चेहरों पर सुकून वाली हंसी
इन सभी महिलाओं से बात करके एक बात साफ हो जाती है— बात सिर्फ पैसों की कमाई की नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास की है। इनका कहना है कि स्टालों से बहुत अच्छी बिक्री हो रही है, जिससे उनकी मेहनत सफल हो गई है। यह महोत्सव यह साबित कर रहा है कि अगर हमारी महिलाओं को मौका दिया जाए, तो वे व्यपार में भी किसी से कम नहीं हैं।
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