हरिद्वार: धर्म संसद में भड़काऊ भाषण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, कपिल सिब्बल ने याचिका की दायर

कपिल सिब्बल की इस दलील पर गौर किया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित ‘धर्म संसद’ के दौरान नफरत फैलाने वाले भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया। आपको बता दें कि इस मामले को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने दो प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है, वहीँ बताते चले की कई बीजेपी के नेताओं ने भाषण देने वालों के समर्थन में भी परोक्ष रूप से खड़े नज़र आये.

आपको बता दें कि प्रधान न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की इस दलील पर गौर किया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आपको बता दें कि पुलिस के सख्त कदम नहीं उठाने को लेकर कई लोग पहले भी सवाल उठा चुके हैं.

सिब्बल ने इस पर आगे कहा कि“मैंने यह जनहित याचिका 17 और 19 दिसंबर को हरिद्वार में धर्म संसद में हुई घटना के संबंध में दायर की है। हम ऐसे कठिन समय में जी रहे हैं जहां देश में नारा सत्यमेव जयते से बदल गया है।

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