उत्तरकाशी में ओलावृष्टि से भारी तबाही, सेब बागवानों में हाहाकार

प्रति वर्ष लाखों पेटी सेब उत्पादन करने वाली इस सेब पट्टी के किसानों की कमर ओलावृष्टि ने तोड़ दी। काश्तकारों के सामने रोजी - रोटी का संकट पैदा हो गया है।

उत्तरकाशी॥ जनपद के विकास खंड मोरी की सिंगतुर पट्टी में सोमवार देर सायं हुई भारी ओलावृष्टि (hailstorm) ने सेब बागवानों की कमर तोड़ दी। ओलावृष्टि इतनी तीव्र थी कि बगीचों में लगी नेट को भी पार कर दिया।

Uttarkashi - single belt - hailstorm - heavy destruction

सेब बेल्ट नाम से मसहूर सिंगतुर पट्टी में हर वर्ष लगभग 4 लाख पेटी सेब पैदा होता है। इस वर्ष सेब की बम्फर फसल होने की उम्मीदों पर बार- बार की ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया है।

कल रात हुई ओलावृष्टि से कूनारा, लूदाराला, पैंसर, पोखरी, सुंचाणगांव, हल्टवाणी, गैंच्चावाण गांव, गुराडी, धेवरा, पासा आदि गांवों में सेब की फसल तबाह हो गई है।

प्रति वर्ष लाखों पेटी सेब उत्पादन करने वाली इस सेब पट्टी के किसानों की कमर ओलावृष्टि ने तोड़ दी। काश्तकारों के सामने रोजी – रोटी का संकट पैदा हो गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता जनक सिंह रावत ने बताया कि बगीचों में लगी नेट पर इतनी ओले जमा हो गये की मानो बर्फ जमी हो। नेट को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रसासन से नुकसान का आकलन करवाकर काश्तकारों को क्षतिपूर्ति देने की मांग की है।

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