उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्याभारती द्वारा अभियान का किया शुभारंभ, कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दम पर करेगा भारत विश्‍व का नेतृत्‍व

जब हिमालय से गंगा का अवतरण हुआ तो उसने बुराईयों को अपने में बहा कर एवं अच्छाईयों को लोगों तक पहुँचाकर समाज का कल्याण किया। इसी प्रकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 न केवल भारतवर्ष के लिए अपितु सम्पूर्ण विश्व के लिए धरोहर बनेगी।

भोपाल, 15 सितम्‍बर, यूपी किरण जब हिमालय से गंगा का अवतरण हुआ तो उसने बुराईयों को अपने में बहा कर एवं अच्छाईयों को लोगों तक पहुँचाकर समाज का कल्याण किया। इसी प्रकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 न केवल भारतवर्ष के लिए अपितु सम्पूर्ण विश्व के लिए धरोहर बनेगी। उक्‍त उद्गार उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्याभारतीद्वारा अभियान का शुभारंभ करते हुए कहीं। आपको बता दे उन्‍होंने कहा कि इस नीति में किए गए प्रावधानों के अनुवर्तन से भारत विश्व का नेतृत्व करेगा। स्वामी विवेकानंद के स्वप्न को साकार करने की दिशा में यह शिक्षा नीति कारगर सिद्ध होगी।  वहीं स्कूली शिक्षा मंत्री इन्दरसिंह परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात यदि देश के नागरिकों के साथ संवाद करके शिक्षा नीति बनाई जाती तो शिक्षा की जो वर्तमान स्थिति है वह नहीं होती। वर्तमान केन्द्र सरकार ने व्यापक संविमर्श के बाद इस नीति का प्रारुप बनाया है।   उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लॉर्ड मैकाले पुत्रों की अंतिम विदाई के रुप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने मध्यपद्रेश में शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन की चर्चा में यह भी कहा कि स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है, इसके लिए सरकार टॉस्क फोर्स का गठन कर इसे लागू कराएगी।

इस अवसर अतिथि प्रो.के.जी.सुरेश (कुलपति, एम.सी.यू. भोपाल) का कहना था कि घोषित राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुवर्तन से भारतीय शिक्षण संस्थान वैश्विक स्तर पर अपना स्थान बना पाएगें। इस नीति को सम्पूर्ण भारत में व्यापक समर्थन मिला है। शिक्षा मंत्रालय का गठन इसी सर्वसम्मिति का प्रतीक है। इस नीति में भारतीय भाषाओं के बारे में व्यापक चर्चा हुई है यह एक फ्लेक्जिबल नीति है जो समाज के सभी वर्गों की समान रुप सें चिंता करती है।   उधर, प्रो.सुनील कुमार (कुलपति, आर.जी.पी.वी. भोपाल) ने कहा कि नई शिक्षा नीति में जो छात्र सीखना चाहता है उसका प्रावधान किया गया है। तकनीकि शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 द्वारा आमूलचूल परिवर्तन होगा। भारत की विद्वत्ता का अंतराष्ट्रीयकरण करने के लिए इस नीति में व्यापक प्रावधान किए गए हैं। कार्यक्रम में  विशिष्‍ट अतिथि प्रो. आर.जे.राव कुलपति, बी.यू.भोपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों के समग्र विकास का कारण बनेगी साथ ही वह युवा पीढ़ी में राष्ट्रीयता की भावना को प्रबलता से स्थापित करेगी।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ.  प्रकाश बरतूनिया (कुलाधिपति, बी.बी.ए.यू.लखनऊ) ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति समग्रता लिए हुए समतावादी नीति है । इसमें समाज के सभी वर्गों की समान रुप से चिंता की गई है। इस सर्वसमावेशी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से न केवल छात्र एवं प्राध्यापक बल्कि पूरा समाज लाभान्वित होगा। उल्‍लेखनीय है कि विद्याभारती मध्यभारत प्रांत द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 20020 को लेकर समाज में व्यापक जन-जागरण करने हेतु स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं समाज के आम नागरिकों को इस विषय से जोड़ने के लिए  #MyNEPcompetition अभियान का आयोजन करने जा रहा है। कार्यक्रम में भारत सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चैहान, सिने अभिनेता राजीव वर्मा एवं ओलंम्पिक खिलाड़ी अंकित शर्मा द्वारा इस अभियान को लेकर व्यक्त किए गए शुभकामाना वीडियो एवं संदेश का प्रसारण किया गया। मंचासीन अतिथियों द्वारा प्रतियोगिता के पोर्टल की ई-लॉचिंग की गई ।   कार्यक्रम का संचालन अभियान संयोजक डॉ. शशि रंजन अकेला एवं कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. रामकुमार भावसार प्रांत प्रमुख, विद्याभारती मध्यभारत प्रांत ने रखी ।

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