सावधान! कहीं आप पोषक तत्व कम या ज्यादा मात्रा में तो नहीं ले रहे जाने कितनी मात्रा में पोषक तत्व का सेवन करना चाहिए

दोस्तों हमारे देश में लोग बिना कुछ सोचे समझे कुछ भी खा लेते हैं और अगर अच्छा व मनपसंद खाना सामने आ जाए तो पूछो ही मत छक कर खाते हैं तो वहीं कम अच्छा खाना मिले तो खाते ही नहीं या कम खाते हैं।ऐसी आदतें हमारे शरीर में किसी एक पोषक तत्व की कमी का कारण बन सकती है।भारत में लोगों को पता ही नही कि उनको कितनी मात्रा में क्या क्या खाना चाहिए।आज इस आर्टिकल में हम आपको विभिन्न पोषक तत्वों की निर्धारित मात्रा और उनसे होने वाले लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

पोषक तत्व

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पोषक तत्व कितने प्रकार के होते हैं

पोषक तत्व निम्न 2 प्रकार के होते हैं।

  • सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients)
  • वृहत पोषक तत्व (Macronutrients)

सूक्ष्म पोषक तत्व क्या हैं

सूक्ष्म पोषक तत्व की श्रेणी में ऐसे तत्व आते हैं, शरीर को जिनकी बहुत ही सूक्ष्म मात्रा की जरूरत होती है।इनमें विटामिन और खनिज शामिल हैं।निर्माता कभी-कभी इन्हें खाद्य पदार्थों में शामिल करते हैं। जैसे;फॉर्टिफाइड सीरील (Fortified cereal), चावल आदि।

आइए देखते हैं कि सूक्ष्म पोषक तत्व की श्रेणी में कौन कौन से पोषक तत्व आते हैं।

  • खनिज लवण
  • विटामिन
  • एंटीऑक्सीडेंट

खनिज लवण क्या होते हैं

शरीर को कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन की जरूरत होती है।हमारे शरीर को पोषक तत्व में खनिज आहार की भी आवश्यकता होती है, जैसे कि लोहा, पोटेशियम।ज्यादातर मामलों में, एक विविध और संतुलित आहार एक व्यक्ति को आवश्यक खनिज प्रदान करता है।यदि कोई कमी होती है, तो शरीर में कोई न कोई रोग हो जाता है।हम कुछ निम्न खनिज के बारे में बात करने जा रहे जो शरीर को अच्छी तरह से काम करने के लिए आवश्यक हैं।

पोटैशियम (Potassium)

पोटेशियम एक इलेक्ट्रोलाइट है।यह गुर्दे, हृदय, मांसपेशियों और तंत्रिकाओं को ठीक से काम करने में सक्षम बनाता है।अमेरिकियों के लिए 2015-2020 के आहार दिशानिर्देश यह सलाह देते हैं कि एक वयस्क व्यक्ति को प्रत्येक दिन 4,700 मिलीग्राम (मिलीग्राम) पोटेशियम का सेवन करना चाहिए।शरीर में पोटैशियम की बहुत कम मात्रा उच्च रक्तचाप (High blood pressure), स्ट्रोक (Stroke) और गुर्दे की पथरी (Kidney stone) का कारण बन सकता है।वहीं शरीर में पोटैशियम की बहुत कम मात्रा गुर्दे की बीमारी वाले लोगों के लिए बहुत अधिक हानिकारक हो सकता है।एवोकैडो, नारियल पानी, केला, सूखे मेवे, स्क्वैश, बीन्स और दाल पोटैशियम पोषक तत्व के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

सोडियम (Sodium)

यह भी पोटैशियम की तरह एक प्रकार का इलेक्ट्रोलाइट है।यह तंत्रिका और मांसपेशियों के कार्य को बनाए रखने और शरीर में द्रव के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।शरीर में सोडियम की बहुत कम मात्रा हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) का कारण बन सकता है।हाइपोनेट्रेमिया के लक्षणों में सुस्ती, भ्रम और थकान शामिल हैं।

शरीर में सोडियम की बहुत अधिक उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।विशेषज्ञ लोगों से अपने आहार में टेबल सॉल्ट को शामिल नहीं करने की सलाह देते हैं।वर्तमान दिशानिर्देशो के अनुसार, एक वयस्क व्यक्ति को एक दिन में 2,300 मिलीग्राम सोडियम या लगभग एक चम्मच से अधिक नहीं लेना चाहिए।

कैल्शियम (Calcium)

शरीर को हड्डियों और दांतों के निर्माण के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है।यह तंत्रिका तंत्र, हृदय स्वास्थ्य और अन्य कार्यों में भी सहायता करता है।शरीर में कैल्शियम की बहुत कम मात्रा हड्डियों और दांतों को कमजोर कर सकता है।शरीर में जब कैल्शियम की कमी होती है तो उंगलियों में झुनझुनी और हृदय की लय (Heart arrhythmias) में लगातार परिवर्तन होता रहता हैं, जो जीवन के लिए खतरा हो सकता है।

शरीर में कैल्शियम की बहुत अधिक मात्रा कब्ज (Constipation), गुर्दे की पथरी और अन्य खनिजों के कम अवशोषण का कारण बन सकता है।दिशानिर्देश के अनुसार, एक वयस्क व्यक्ति को एक दिन में 1,000 मिलीग्राम और 51 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए 1,200 मिलीग्राम का सेवन करना चाहिए।डेयरी उत्पाद, टोफू, फलियां, और हरी, पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम पोषक तत्व के अच्छे स्रोत माने गए हैं।

जिंक (Zinc)

जिंक शरीर की कोशिकाओं के स्वास्थ्य, प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system), घाव भरने और प्रोटीन (Protein) के निर्माण में भूमिका निभाता है।शरीर में जिंक की बहुत कम मात्रा बालों के झड़ने (Hair fall), त्वचा के घावों, स्वाद या गंध में बदलाव और दस्त (Diarrhoea) का कारण बन सकता है।शरीर में जिंक की बहुत अधिक मात्रा पाचन समस्याओं और सिरदर्द का कारण बन सकता है। वयस्क महिलाओं को एक दिन में 8 मिलीग्राम जिंक की आवश्यकता होती है, और वयस्क पुरुषों को 11 मिलीग्राम की आवश्यकता होती है।सीप, बीफ, फॉर्टीफाइड ब्रेकफास्ट सीरील्स और बेक्ड बीन्स जिंक पोषक तत्व के कुछ अच्छे स्रोत हैं।

आयरन (Iron)

लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आयरन महत्वपूर्ण है, जो शरीर के सभी भागों में ऑक्सीजन ले जाती है।यह संयोजी ऊतक बनाने और हार्मोन के उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।शरीर में आयरन की बहुत कम मात्रा से एनीमिया (Anemia) हो सकता है, जिसमें पाचन संबंधी समस्याएं, कमजोरी और सोचने में कठिनाई हो सकती है।शरीर में आयरन की बहुत अधिक मात्रा पाचन समस्याओं का कारण बन सकता है, और बहुत उच्च स्तर घातक हो सकता है। फॉर्टिफाइड सीरील्स, बीफ लीवर, दाल, पालक और टोफू आयरन पोषक तत्व के कुछ महत्वपूर्ण स्रोत हैं।वयस्कों को एक दिन में 8 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है, लेकिन प्रेगनेंट महिलाओं को 18 मिलीग्राम की आवश्यकता होती है।

विटामिन

विटामिन दो प्रकार के होते हैं।

  • जल में घुलनशील विटामिन (Water soluble vitamin)
  • फैट में घुलनशील विटामिन (Fat soluble vitamin)

जल में घुलनशील विटामिन क्या होते हैं

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन सी (Ascorbic acid) जल में घुलनशील विटामिन के अंतर्गत आते हैं।विटामिन बी कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत 8 विटामिन आते हैं।विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी से विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं वहीं विटामिन सी की कमी से प्रतिरोधक क्षमता में कमी, स्कर्वी (Scurvy) रोग हो सकता है।

फैट में घुलनशील विटामिन क्या होते हैं

विटामिन ए, डी, ई और के फैट सॉल्युबल विटामिन के अंतर्गत आते हैं।विटामिन ए की कमी से नेत्र की बीमारियां, डी की कमी से हड्डियों की बीमारियां, ई की कमी से पेरीफेरल रेटिनोपैथी (Peripheral Retinopathy), रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी व के की कमी से हैमरेज (Hemorrhage) व ब्लीडिंग से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।

एंटीऑक्सीडेंट

एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर से फ्री रेडिकल्स को नष्ट करके कैंसर (cancer) से रक्षा करते हैं और साथ ही साथ शरीर और बालों में निखार और चमक लाने में मदद करते हैं।

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