बुजुर्गों ने अगर नहीं लगवाई वैक्सीन तो हर महीने देना होगा जुर्माना, सरकार ने सुनाया फैसला

विश्वभर के अधिकतर देशों में कोविड वैक्सीनेशन का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच जर्मनी की सरकार ने 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों के...

जर्मनी। विश्वभर के अधिकतर देशों में कोविड वैक्सीनेशन का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच जर्मनी की सरकार ने 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन अनिवार्य कर दिया है। अब जर्मनी में वैक्सीन लगवाने से इनकार करने वाले बुजुर्गों को हर महीने जुर्माना देना पड़ेगा। सरकार का कहना है कि टीकाकरण को अनिवार्य करने से ऐसे समूहों को भी टीका लग सकेगा जो अब तक तमाम भ्रमों की वजह से नहीं लगवा रहे हैं।

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एक रिपोर्ट के अनुसार जर्मन सरकार ने यह जुर्माना साठ साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए लगाया है। बताया जा रहा है कि जनवरी महीने में टीकाकरण कराने से इनकार करने वाले बुजुर्गों को 50 यूरो देने होंगे लेकिन अगर वह अगले महीने भी वैक्सीन नहीं लगवाते तो उन पर 100 यूरो का जुर्माना लगाया जाएगा।

जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री प्लेवरिस का कहना है कि साठ साल से अधिक आयुवर्ग वालों के लिए ही इस तरह के प्रतिबंध इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि इस उम्र वाले बुजुर्ग ही सबसे अधिक संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।

अस्पतालों को दी जाएगी जुर्माने की रकम

जर्मन स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक टीकाकरण कराने से इनकार करने वाले बुजुर्गों से कर-कार्यालय जुर्माना बसूलेगा, जिसका इस्तेमाल सरकार के अस्पतालों को फंड देने में किया जाएगा। बता दें कि कोरोना के नए वैरियंट ओमीक्रोन स्वरूप के फैलने के की वजह से जर्मनी में बहुत तेजी से संक्रमण फैला है जिसकी वजह से मृत्युदर और हॉस्पिटल में एडमिट होने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो गया है।

वैक्सीन सर्टिफिकेट सात महीने तक ही वैध

जर्मन सरकार ने टीके की दोनों डोज की अनिवार्यता के साथ ही बूस्टर डोज लगवाना भी अनिवार्य कर दिया है। आगामी एक फरवरी से देश में कोरोना वैक्सीनेशन के सर्टिफिकेट की वैधता केवल सात महीने रह जाएगी। कहने का मतलब ये है कि दोनों डोज लगवाने का सर्टिफिकेट ले चुके लोगों को सात महीने बाद बूस्टर लेना होगा, वरना वे वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के माध्यम से मिलने वाले लाभ नहीं उठा पाएंगे।