तेज़ी से वज़न घटाना हैं तो आजमाएं ये ख़ास तरीका

कार्बोहाइड्रेट्स को डाइट से बिलकुल ख़त्म कर देने से आपको चिड़चिड़ापन और सुस्ती महसूस हो सकती है। यहां तक कि आपकी भूख बढ़ सकती है।

कार्बोहाइड्रेट्स को डाइट से बिलकुल ख़त्म कर देने से आपको चिड़चिड़ापन और सुस्ती महसूस हो सकती है। यहां तक कि आपकी भूख बढ़ सकती है। ऐसे ही डाइट से कई चीज़ों को निकाल देने से आपको कमज़ोरी, अनिमिया औक कब्ज़ जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। जैसी डाइट से डेरी प्रोडक्ट्स को निकाल देने से शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है।

weight

वहीं, लो-कार्ब डाइट से फाइबर की कमी हो जाती है। तो आइए जानें कि तेज़ी से वज़न घटाने पर आपके शरीर को कैसे नुकसान पहुंचता हैं-

जल्दी वज़न घटाने का वादा करने वाली डाइट्स आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं। आपको अपने शरीर के नए आकार और वज़न के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किल आ सकती है। इससे खाने से जुड़ी समस्याएं शुरू हो सकती हैं और मानसिक बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।

फैट्स की जगह मसल्स का कम होना-

तेज़ी से वज़न घटाने वाले डाइट्स के परिणाम में अक्सर फैट्स की जगह मांसपेशियां कम हो जाती हैं। जब आप लंबे समय तक कैलोरी-प्रतिबंधित आहार का पालन करते हैं, तो आपकी मांसपेशियां कम होने की संभावना ज़्यादा होती है। जिन डाइट्स में कैलोरी की मात्रा कम होती है, वे आपके शरीर को ऊर्जा और ईंधन के लिए मांसपेशियों को तोड़ने के लिए प्रेरित करती हैं। मांसपेशियों में फैट के मुकाबले मेटाबॉलिक रेट ज़्यादा होता है।

मेटाबॉलिज़म पर पड़ता है बुरा असर-

आपको इस बात का एहसास नहीं होगा, लेकिन तेज़ी से वज़न घटाने की रणनीति वास्तव में आपके चयापचय को धीमा कर सकती है। जब आप कैलोरी-प्रतिबंधित डाइट पर होते हैं, तो आपका शरीर इसे खाद्य आपूर्ति में कमी के संकेत के रूप में समझता है और भूख से मरता है। आपका चयापचय इस समय धीमा हो जाता है।

नतीजतन, आपका शरीर ऊर्जा बचाने में असमर्थ रहता है और अतिरिक्त वसा जमा कर लेता है। यहां तक कि हाल ही में हुई एक रिसर्च में देखा गया कि प्रतिभागियों का जैसे ही वज़न कम हुआ, उनका मेटाबॉलिज़म भी धीमा हो गया। इससे हुआ यह कि ज़्यादातर प्रतिभागियों का वज़न पहले के मुकाबले ज़्यादा बढ़ गया।

लंबे समय के लिए हेल्दी तरीके से वज़न कम करने के लिए सिर्फ डाइट ही नहीं बल्कि कई चीज़ों का सहारा लेना होता है। जैसे एक अच्छी डाइट, बेहतर नींद, उच्च शारीरिक गतिविधि, तनाव कम, और मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस। अगर आपको हाई-इंटेंसिटी के वर्कआउट पसंद नहीं हैं, तो ट्रेकिंग पर जाए। इसके अलावा कभी-कभी थोड़ा-बहुत स्नैक या फिर चॉकलेट खाई जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *