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यूपी में भूमाफिओं व अतिक्रमणकारियों के छुटे पसीने, बुलडोजर ने धवस्‍त अवैध कालोनियां और एक दर्जन से अधिक इमारतें

छह अवैध कालोनियां और एक दर्जन से अधिक इमारतें धवस्‍त कर दी गईं। इस दौरान भारी फोर्स तैनात रही। यूपी में फिर दिखा बुलडोजर का दम, एक साथ 8 जगह गरजा महाबली, 6 अवैध कॉलोनियां जमींदोज

मेरठ। यूपी में एक बार फिर बुलडोजर का दम के आगे किसी भी अ​तिक्रमणकारियों की अब कोई सुनवाई नहीं क्यों कि सजा बुल्डोजर जो दे रहा है। जी हां बता दें की, मेरठ में गुरुवार को एक साथ 8 स्‍थानों पर बुलडोजर चला।

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छह अवैध कालोनियां और एक दर्जन से अधिक इमारतें धवस्‍त कर दी गईं। इस दौरान भारी फोर्स तैनात रही। यूपी में फिर दिखा बुलडोजर का दम, एक साथ 8 जगह गरजा महाबली, 6 अवैध कॉलोनियां जमींदोज

अवैध निर्माण और अनाधिकृत कब्जों के खिलाफ गुरुवार को मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से मेगा अभियान चलाया गया। भारी पुलिस फोर्स के साथ एमडीए टीम ने एक साथ आठ स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। कई जगह विरोध भी हुआ, लेकिन फोर्स के आगे उनकी नहीं चली। लिसाड़ी गेट क्षेत्र में गोतस्कर अकबर बंजारा के घर समेत कई अवैध कब्जे ध्वस्त किए गए।

बजौट-फतेहउल्लापुर में गिराईं अवैध कॉलोनी

अधीक्षण अभियंता व जोन ए के जोनल अधिकारी वीके सोनकर ने बताया कि 15 हजार वर्ग गज में बजौट-हापुड़ रोड पर मोहम्मद जुबैर की अवैध कॉलोनी ध्वस्त कर दी गई। रेलवे लाइन के पास फतेहउल्लापुर रोड पर 35 हजार वर्ग मीटर में कमाल काजिम, मो. अख्तर जमाल, मो. हिलाल, मो. अनवर इकबाल व मो. शौकीन की अवैध कॉलोनी भी जमींदोज कर दी। सूर्यपुरम शास्त्रत्त्ी कॉलोनी के पास किरन सिंह के अवैध निर्माण को ढहा दिया गया। नोडल अधिकारी अर्पित यादव, अवर अभियंता संजय वशिष्ठ, उमाशंकर, धीरज यादव व फोर्स मौजूद रहे।

राली चौहान, किला रोड पर टीम ने की कार्रवाई

जोन डी में तहसीलदार और जोनल अधिकारी विपिन कुमार ने राली चौहान, किला रोड पर सड़क और औद्योगिक की भूमि पर रोहित चौहान द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी जमींदोज कर दी। गंगानगर से लगी भूमि पर अतिक्रमण करते हुए ब्रजराज सिंह द्वारा अवैध मुर्गी फार्म व स्टोर खोल दिय था, जिसे ध्वस्त किया।

अवर अभियंता सोमेंद्र प्रताप सिंह, ओमपाल सिंह, वेद प्रकाश अवस्थी व थाना पुलिस मौजूद रहे। अवैध कॉलोनियों के पनपने के पीछे बड़ी वजह रजिस्ट्री और पीवीवीएनएल की जुगलबंदी सामने आ रही है।

बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए काटी जा रही अवैध कॉलोनियों का स्टाम्प विभाग रजिस्ट्री कर देता है, जबकि पीवीवीएनएल बिजली के खंभे लगाकर सप्लाई शुरू कर देता है। बिजली होने पर पानी की लाइन भी निगम की पानी की लाइन से जोड़कर बिल्डर डाल देते हैं। इसकी वजह से लोग प्लॉट ले लेते हैं।

ऐसे में अवैध कॉलोनी भी वैध की तरह हो जाती है। मामले में उपाध्यक्ष ने एआईजी स्टाम्प और पीवीवीनएल के एमडी को पत्र लिखकर बैनामा रोकने और बिजली की सप्लाई अवैध कॉलोनी में न करने को पत्र लिखा है।

एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी ने बताया कि ध्वस्तीकरण के बाद एआईजी स्टाम्प और पीवीवीएनएल के एमडी को पत्र लिखा है। आज इस मामले में यह कहना कि उन्हें याचिका की कॉपी नहीं मिली है, यह फेयर प्रैक्टिस नहीं है।

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