हाथरस जैसी घटनाएं सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि झारखंड में भी हो रही है : झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने गुरूवार को गिरिडीह में 15 साल की नाबालिग को जिंदा जला कर मारने के मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई की

रांची, 08 अक्टूबर यूपी किरण। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने गुरूवार को गिरिडीह में 15 साल की नाबालिग को जिंदा जला कर मारने के मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान मामले में नामजद अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि हाथरस जैसी घटनाएं सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि झारखंड में भी हो रही है।
अदालत ने इस मामले की जांच एसआइटी से कराने की बात कहते हुए राज्य के डीजीपी को इसके शीघ्र गठन का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने डीजीपी को इस मामले की मॉनिटरिंग स्वयं करने को कहा है। इस संबंध में पीड़िता के पिता शंकर पासवान ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि उक्त घटना 30 मार्च 2020 में हुई है। इस मामले में पिंटू पासवान को नामजद आरोपित बनाया गया है, लेकिन पुलिस अभी तक नामजद आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
दरअसल, तीस मार्च को गिरिडीह के ईटासानी गांव में पिंटू पासवान नामक युवक ने एक 15 वर्षीय नाबालिग को जिंदा जलाकर मार डाला था। घटना के बाद से आरोपित फरार है। अदालत ने यह भी कहा है कि एसआईटी जल्द ही नामजद आरोपित को गिरफ्तार करे और यह भी देखे कि इस मामले में अन्य गवाहों को कोई प्रभावित नहीं कर पाए। मामले में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने अदालत में अपना पक्ष रखा।

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