कोरोना काल में बढ़ी रसोईघर की ताकत, घरेलू इलाज से ये नुस्खे दिला रहें सर्दी खांसी से राहत

लोग आक्सीजन और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान हे। ऐसे में लोग अब अपना उपचार घरेलू उपायों से भी करने लगे है। इस उपचार में घरेलू किचेन की ताकत बढ़ रही है।

वैश्विक महामारी कोरोना काल में लगातार बढ़ रहे संक्रमितों की सख्या से अस्पतालों में उपचार के लिए जगह का अभाव है। लोग आक्सीजन और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान हे। ऐसे में लोग अब अपना उपचार घरेलू उपायों से भी करने लगे है। इस उपचार में घरेलू किचेन की ताकत बढ़ रही है। घर में सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द का लोग अपने से ही सफलता पूर्वक उपचार कर रहे हैं। घरेलू उपचार के लिए अब जिला प्रशासन के साथ चिकित्सक भी जोर दे रहे है। लोगों ने भी अब अपना दिनचर्या बदल योग प्राणायाम को जीवन में शामिल कर लिया है।

Home remedies

बुधवार ​को ‘न्यूज एजेंसी’ से बातचीत में आयुर्वेद विशेषज्ञ और महिला उद्वमी वीना अग्निहोत्री ने बताया कि हमारे रसोईघर और संस्कृति में ही संकामक बीमारियों का उपचार छुपा हुआ है। हमारे बुजुर्ग जब स्वास्थ्य सेवाएं नही थी तो घरेलू उपचार और सफाई से महामारी को हराते थे। आज कोरोना के भयावह स्वरूप में कोई भी सरकार तत्काल सभी को चिकित्सा व्यवस्था सुलभ नहीं करा सकती। लेकिन हमारी सरकार सीमित संसाधानों को लगातार बढ़ाने के साथ इस पर नियंत्रण के लिए टीकाकरण, मेडिसिन किट का वितरण, आक्सीजन व्यवस्था सुलभ करा रही है। ऐसे में हम भी सतर्क रह कर घरेलू उपचार से ही कोरोना के शुरूआती लक्षण पर काबू पा सकते है। इसमें सबसे पहले खांसी की बात करें तो घर की काली मिर्च रामबाण है।

कालीमिर्च को शहद के साथ खाने से इसमें काफी लाभ मिलता है। बीना अग्निहोत्री बताती है कि काली मिर्च के कुछ दाने कई बीमारियों के दुश्मन है। रोजाना काली मिर्च का सेवन करने से कई सारी बीमारियां ठीक हो जाती हैं। यहां तक की बवासीर जैसी गंभीर बीमारी भी दूर रहती है।

उन्होंने बतिाया कि गोल-गोल कालीमिर्च के दाने खाते हुए अगर किसी के मुंह में आ जाते हैं तो लोग मुंह बनाने लगते हैं। लेकिन आपको मालूम है कि ये गोल-गोल काले दाने आपकी आंखों की रोशनी के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद है। अपितु इन दानों से मोटापा और बवासीर जैसी गंभीर बीमारियां तक ठीक हो जाती हैं।

कंप्यूटर या लैपटॉप के आगे बैठकर काम करने वाले इसका नियमित करे इस्तेमाल

आयुर्वेद विशेषज्ञ बीना बताती है कि पूरे दिन कंप्यूटर या लैपटॉप के आगे बैठकर काम करने से आंखें खराब हो गई हैं। तो कालीमिर्च आपके लिए कारगर नुस्खा साबित हो सकता है। आंखों की रोशनी ठीक करने के लिए काली मिर्च और घी का सेवन करें। आधा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च को थोड़े से घी के साथ रोज सुबह-शाम खाएं। आंखों की रोशनी ठीक हो जाएगी। अगर आंखों में चश्मा लगा है तो चश्मा भी उतर जाएगा।

स्किन इंफेक्शन में रामबाण

बीना बताती है कि पेट का संक्रमण हो या स्किन इंफेक्शन… कालीमिर्च हर तरह के संक्रमण को ठीक कर देती है। फोड़े-फुसियों में काली मिर्च को पीस कर लगायें। कुछ दिनों में फोड़े-फुंसियां ठीक हो जाएंगे। इसके अलावा शक्कर के साथ काली मिर्ची को मिलाकर खाने से एलर्जी भी ठीक हो जाती है। पेट का संक्रमण ठीक करने के लिए रोज कालीमिर्च के दो दाने खाएं।

डिप्रेशन में भी फायदेमंद

कालीमिर्च के दो दाने अवसाद जैसी बीमारियों को भी ठीक कर देते हैं। दरअसल, काली मिर्च खाने से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन बनता है, जो अच्छे मूड के लिए जिम्मेदार होता है। मस्तिष्क में सेरोटोनिन की मात्रा बढ़ने से मूड स्विंग के लक्षण में कमी आती है जिससे डिप्रेशन ठीक हो जाता है। काली मिर्च वजन कम करने का अचूक उपाय है। इसकी पुष्टि 2010 में एक शोध में हो चुकी है। इस शोध के अनुसार काली मिर्च शरीर की वसा को कम करने का भी काम करती है। जिससे पाचन क्रिया तेज होती है और कम समय में अधिक कैलोरी खर्च होती है। साथ ही यह शरीर से टॉक्सिन्स को निकाल बाहर करने में भी कारगर है। मोटापा दूर करने में भी काली मिर्ची मददगार साबित होती है।

बवासीर जड़ ठीक होता है

बवासीर जैसी गंभीर बीमारियों को भी कालीमिर्च ठीक कर देती है। बवासीर से निजात पाने के लिए 20 ग्राम कालीमिर्च, 10 ग्राम जीरा और 15 ग्राम शक्कर या मिश्री पीस कर मिला लें। अब इस मिश्रण का रोज सुबह-शाम पानी के साथ खाएं। रोजाना 21 काली मिर्च के दानों का पाउडर सुबह खाली पेट गरम पानी के साथ सिर्फ 21 दिन लेने से इस बीमारी से मुक्ति मिलती है।

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