Bihar Flood: बिहार में बाढ़ और सूखे से एक साथ निपटेगी सम्राट सरकार, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने खोला 'महाप्लान'
बिहार में मानसून की दस्तक के साथ ही संभावित बाढ़ को लेकर नीतीश-सम्राट सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। हर साल उत्तर और दक्षिण बिहार में तबाही मचाने वाली बाढ़ से निपटने के लिए इस बार सरकार ने एक बेहद अनूठी और व्यापक रणनीति तैयार की है। मंगलवार (30 जून, 2026) को उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सरकार के इस 'महाप्लान' का खुलासा करते हुए बताया कि राज्य सरकार इस बार बाढ़ और सुखाड़ (अल्पवृष्टि) दोनों ही चुनौतियों से एक साथ निपटने के लिए तैयार है।
नेपाल और झारखंड की बारिश पर कड़ी नजर
पटना स्थित जेडीयू प्रदेश कार्यालय में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, "बिहार में बाढ़ की समस्या सिर्फ स्थानीय बारिश की वजह से नहीं है। उत्तर बिहार में जब नेपाल में भारी बारिश होती है, तो घाघरा, गंडक, कोसी और महानंदा जैसी नदियां उफान पर आ जाती हैं। वहीं, दक्षिण बिहार में झारखंड की भारी वर्षा के कारण बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। यही वजह है कि हमारा विभाग दोनों पड़ोसी राज्यों और नेपाल के जलस्तर पर लगातार 24 घंटे निगरानी रख रहा है।"
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में: तटबंध किए जा रहे मजबूत
विगत वर्षों का जिक्र करते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पिछले साल झारखंड में अत्यधिक बारिश के कारण नालंदा और जहानाबाद समेत दक्षिण बिहार के कई जिलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन इस वर्ष स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने राज्य की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि संवेदनशील इलाकों में तटबंधों (बांधों) को समय रहते मजबूत कर लिया गया है और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी रेस्क्यू संसाधन और फ्लड फाइटिंग सामग्रियां मौके पर उपलब्ध करा दी गई हैं।
क्या है सरकार का 'टू-इन-वन' महाप्लान?
सरकार की नई और आधुनिक योजना की जानकारी देते हुए विजय चौधरी ने बताया कि इस बार बाढ़ के अतिरिक्त पानी को बर्बाद होने से रोकने के लिए विशेष चैनल बनाए गए हैं। सरकार बाढ़ के इस एक्स्ट्रा पानी को नहरों और अन्य आधुनिक माध्यमों से बड़े जलाशयों में डायवर्ट कर स्टोर (संग्रहित) करेगी।
"इस संग्रहित पानी का इस्तेमाल बाद में उस स्थिति में किया जाएगा जब राज्य में अल्पवृष्टि या सूखे जैसे हालात बनेंगे। सरकार का उद्देश्य केवल बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि उस आपदा के पानी को संजोकर हर हाल में किसानों के खेतों तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाना भी है।" - विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री
100 दिन पूरे होने पर बोले- 'नीतीश मॉडल' पर ही आगे बढ़ रहे सीएम सम्राट
विपक्ष के राजनीतिक हमलों और सरकार के कामकाज पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए विजय चौधरी ने कहा कि सम्राट सरकार ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे कर लिए हैं और इन दिनों में जनता का भरोसा सरकार पर और ज्यादा मजबूत हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2025 से 2030 तक के जनादेश का मूल आधार सुशासन ही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्थापित 'न्याय के साथ विकास' के उसी सफल मॉडल को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।