भरत तिवारी एनकाउंटर पर CM सम्राट चौधरी का पहला बयान: बोले– 'भोजपुर की घटना पर तुरंत बनाया ज्यूडिशियल कमीशन

भरत तिवारी एनकाउंटर पर CM सम्राट चौधरी का पहला बयान: बोले– 'भोजपुर की घटना पर तुरंत बनाया ज्यूडिशियल कमीशन

बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter Case) को लेकर जारी भारी राजनीतिक घमासान और विपक्षी दलों के तीखे हमलों के बीच आखिरकार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है।

गुरुवार (25 जून 2026) को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने जनता और विपक्ष को भरोसा दिलाया कि सरकार मामले की निष्पक्षता को लेकर पूरी तरह चिंतित और गंभीर है।

"गलत करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई" – सम्राट चौधरी

कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में जब भी कोई संवेदनशील समस्या या घटना सामने आती है, तो सरकार बिना वक्त गंवाए तुरंत एक्शन मोड में आ जाती है। भरत तिवारी केस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:

"भोजपुर में एक घटना घटी... तुरंत बिहार सरकार ने इसके लिए ज्यूडिशियल कमीशन (न्यायिक आयोग) का गठन कर दिया। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि पीड़ित परिवार को पूरा न्याय मिले... और यदि जांच में कोई भी दोषी या गलत पाया जाता है, तो उस पर बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।"

पहले साधी थी चुप्पी, कैबिनेट बैठक में लगी जांच पर मुहर

गौरतलब है कि इस बयान से पहले जब मीडिया ने मुख्यमंत्री से भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर सवाल पूछे थे, तब उन्होंने इस विषय पर पूरी तरह चुप्पी साध ली थी। लेकिन बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट बैठक में भोजपुर एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) कराने के प्रस्ताव पर आधिकारिक मुहर लगा दी गई, जिसके बाद सीएम ने सार्वजनिक रूप से इस पर अपनी बात रखी।

रिटायर्ड जज पहुंचे पीड़ित परिवार के घर: इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच की जिम्मेदारी पटना हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा को सौंपी गई है। जांच के आदेश मिलते ही आज (गुरुवार) रिटायर्ड जज विनोद सिन्हा खुद भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों और उनकी मां से मुलाकात कर उनका पक्ष जाना और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए।

'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम में कांग्रेस पर बरसे नड्डा और सम्राट

यह पूरा बयान पटना के ज्ञान भवन में भाजपा द्वारा आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम के दौरान आया, जो 1975 में देश में लगाए गए आपातकाल (Emergency) की याद में आयोजित किया गया था।

  • आंदोलनकारियों का सम्मान: इस राजकीय गरिमा वाले कार्यक्रम में जेपी आंदोलन (JP Movement) के समय जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों और आंदोलनकारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

  • दिग्गजों की मौजूदगी: कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा (JP Nadda), मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित बिहार सरकार के कई कैबिनेट मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे।

  • विपक्ष पर तीखा हमला: इस मंच का उपयोग करते हुए जहां जेपी नड्डा और सम्राट चौधरी ने आपातकाल के दौर को याद कर कांग्रेस पार्टी पर देश के संविधान को कुचलने का आरोप लगाया, वहीं बिहार की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार की मुस्तैदी का दावा भी पेश किया।

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