अब WhatsApp पर छुट्टी ली तो खैर नहीं! बिहार सरकार का नया फरमान, बदल गए सारे नियम

अब WhatsApp पर छुट्टी ली तो खैर नहीं! बिहार सरकार का नया फरमान, बदल गए सारे नियम

बिहार में सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने छुट्टियों से जुड़ी नई व्यवस्था लागू की है। इसका उद्देश्य यह है कि किसी कर्मचारी की अनुपस्थिति की वजह से इलाज, जांच या अन्य जरूरी सेवाओं में रुकावट न आए। अब सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी कर्मचारियों के अवकाश का पूरा रिकॉर्ड नियमित रूप से तैयार और सुरक्षित रखा जाएगा।

हर महीने बनेगी छुट्टियों की रिपोर्ट

जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी प्रखंड अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि हर महीने कर्मचारियों द्वारा ली गई छुट्टियों का पूरा विवरण तय प्रारूप में तैयार किया जाए। छुट्टी मंजूर होने से लेकर उसके इस्तेमाल तक की सभी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज करना जरूरी होगा। जरूरत पड़ने पर इस रिकॉर्ड की जांच भी की जा सकेगी।

हर प्रकार के अवकाश की होगी एंट्री

नई व्यवस्था के तहत आकस्मिक अवकाश (CL), विशेष अवकाश (SL), राष्ट्रीय अवकाश (NL) और अन्य स्वीकृत छुट्टियों का अलग-अलग विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी ने व्हाट्सएप संदेश या मौखिक सूचना देकर छुट्टी ली है तो उसका आधिकारिक रिकॉर्ड भी रखना अनिवार्य होगा। इससे छुट्टियों की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और जिम्मेदारी तय करना आसान होगा।

जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी जारी

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि कई बार एक साथ कई कर्मचारियों के छुट्टी पर चले जाने से अस्पतालों की नियमित व्यवस्था प्रभावित होती है। इसका असर टीकाकरण अभियान, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाले स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों पर पड़ता है। नई व्यवस्था से अस्पताल पहले ही वैकल्पिक ड्यूटी की योजना बना सकेंगे ताकि मरीजों को जरूरी सेवाएं बिना रुकावट मिलती रहें।

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