मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स होंगे सस्ते? सरकार ने इन पार्ट्स पर खत्म की कस्टम ड्यूटी, 2029 तक मिलेगी राहत
इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण (Electronics Manufacturing) को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (Basic Customs Duty) को पूरी तरह से माफ कर दिया है। यह छूट मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और ईवी बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अहम पार्ट्स पर दी गई है। सरकार का यह कदम न केवल कंपनियों की लागत को कम करेगा, बल्कि आने वाले समय में ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की कीमतों में कमी आने की भी उम्मीद जगा रहा है।
इन पार्ट्स पर मिली सबसे बड़ी राहत
सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ड्यूटी में यह छूट उन कंपोनेंट्स पर दी गई है जो भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स की वैल्यू चेन को मजबूत करेंगे। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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लिथियम-आयन बैटरी: बैटरी सेल बनाने में उपयोग होने वाली लगभग 85 प्रकार की मशीनरी और उपकरणों के आयात पर अब कोई टैक्स नहीं देना होगा।
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वायरलेस चार्जिंग मॉड्यूल: मोबाइल फोन के वायरलेस चार्जिंग सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स, जैसे नैनो-क्रिस्टलाइन असेंबली, E-शील्ड, PET लाइनर, PC सिम, कॉइल और नियोडिमियम मैग्नेट अब ड्यूटी-फ्री होंगे।
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डिस्प्ले और अन्य कंपोनेंट्स: ऑटोमोटिव, मेडिकल और इंडस्ट्रियल डिस्प्ले के निर्माण में उपयोग होने वाले सेल, फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट (FPCA), बैकलाइट यूनिट और फ्रेम जैसे पार्ट्स पर भी कस्टम ड्यूटी हटाई गई है।
क्यों लिया सरकार ने यह फैसला?
भारत का लक्ष्य 2030 तक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को 500 बिलियन डॉलर तक पहुँचाना है। अभी भी कई महत्वपूर्ण पार्ट्स के लिए कंपनियां विदेशों (खासकर चीन) पर निर्भर हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ जाती है। कस्टम ड्यूटी हटने से कंपनियों को 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने इसे एक "महत्वपूर्ण बदलाव" बताते हुए कहा कि इससे घरेलू कंपोनेंट उद्योग को भारी प्रोत्साहन मिलेगा और निवेश में तेजी आएगी।
मार्च 2029 तक मिलेगी छूट
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह टैक्स छूट तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और 31 मार्च 2029 तक जारी रहेगी। लंबी अवधि की इस छूट से कंपनियां अपना निवेश बढ़ाने और भारत में प्रोडक्शन यूनिट्स लगाने के लिए आत्मविश्वास के साथ योजना बना सकेंगी। हालांकि, यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि यह छूट मोबाइल फोन, टीवी और स्मार्टवॉच में इस्तेमाल होने वाली डिस्प्ले असेंबली पर सीधे तौर पर लागू नहीं होगी, बल्कि यह केवल उनके निर्माण में उपयोग होने वाले विशिष्ट कंपोनेंट्स के लिए है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इनपुट लागत में आई यह कमी आने वाले महीनों में कंपनियों के मुनाफे को बढ़ाएगी और उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ सस्ती कीमतों के रूप में मिल सकता है।