खाली पड़े एटीएम पर आरबीआई सख्त: बैंकों से मांगा कैश का पूरा हिसाब, देश के कई राज्यों में मचा भारी हाहाकार
देशभर के एटीएम में 'नो कैश' के बोर्ड, जनता में भारी आक्रोश
देश के कई राज्यों और ग्रामीण इलाकों से एटीएम (ATM) के खाली होने और उपभोक्ताओं को कैश के लिए भटकने की लगातार गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। महीने की शुरुआत में जब सैलरी और पेंशन के बाद आम लोगों को नकद पैसों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब कई प्रमुख बैंकों के एटीएम पूरी तरह सूखे और खाली नजर आ रहे हैं। इस संकट के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में हाहाकार मचा हुआ है, जिससे स्थानीय व्यापार और आम नागरिकों की दैनिक जरूरतें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
आरबीआई ने कसा बैंकों पर शिकंजा, देना होगा एक-एक रुपये का हिसाब
जनता की बढ़ती परेशानियों और मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लेते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। आरबीआई ने देश के सभी वाणिज्यिक और निजी बैंकों को कड़ा नोटिस जारी कर उनके एटीएम में कैश की उपलब्धता और रिफिलिंग (कैश लोडिंग) का पूरा लेखा-जोखा तुरंत तलब किया है। केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि डिजिटल पेमेंट बढ़ने के बावजूद एटीएम में नकदी की कमी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरबीआई बैंकों के इस ढुलमुल रवैये पर भारी जुर्माना लगाने की भी तैयारी कर रहा है।
तकनीकी खराबी और कैश मैनेजमेंट में लापरवाही आई सामने
शुरुआती समीक्षा में यह बात सामने आई है कि कई बैंक अपने थर्ड-पार्टी कैश मैनेजमेंट वेंडर्स की निगरानी ठीक से नहीं कर रहे हैं, जिससे समय पर एटीएम वैन नकदी लेकर नहीं पहुंच पा रही है। इसके अलावा कुछ इलाकों में एटीएम सॉफ्टवेयर और सर्वर में तकनीकी खराबी के चलते भी मशीनें काम नहीं कर रही हैं। आरबीआई की इस सख्ती के बाद अब सभी प्रमुख बैंकों ने अपने कंट्रोल रूम को एक्टिव कर दिया है और प्रभावित राज्यों में युद्धस्तर पर एटीएम के अंदर नकदी पहुंचाने और खराब मशीनों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया है।