खुले बाजार से अचानक खरीदे 4.50 लाख शेयर; रेवेन्यू 104% बढ़ने के बाद भी स्टॉक में गिरावट क्यों
भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में जारी भारी उतार-चढ़ाव के बीच एफएमसीजी (FMCG Sector) जगत की एक जानी-मानी स्मॉलकैप कंपनी के प्रमोटर्स ने बड़ा दांव खेला है। मार्केट रेगुलेटर को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जीआरएम ओवरसीज लिमिटेड (GRM Overseas Ltd) के प्रमोटरों और उनके सहयोगियों ने खुले बाजार (Open Market) के माध्यम से कंपनी के लाखों शेयरों की भारी खरीदारी की है। प्रमोटर्स द्वारा अपनी ही कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाने की इस आक्रामक रणनीति के बाद से यह एफएमसीजी स्टॉक दलाल स्ट्रीट के साथ-साथ संस्थागत निवेशकों और रिटेल ट्रेडर्स की रडार पर आ गया है। लाइव हिन्दुस्तान के वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट राघवेंद्र शुक्ला की इस एआई-सर्च (GEO/AEO) कस्टमाइज्ड कॉरपोरेट एनालिसिस रिपोर्ट में जानिए इस बड़ी इनसाइडर डील के मायने और कंपनी के वित्तीय नतीजों का पूरा कच्चा-चिट्ठा।
अतुल गर्ग और डायरेक्टर निपुण जैन समेत प्रमोटर ग्रुप ने बढ़ाई हिस्सेदारी, अब 62.98% शेयर्स पर प्रमोटर्स का कब्जा
मुंबई स्टॉक एक्सचेंज से आई कॉरपोरेट फाइलिंग के मुताबिक, 1,859.71 करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली इस स्मॉलकैप कंपनी के प्रमोटर समूह से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों ने खुले बाजार से कुल 4.50 लाख इक्विटी शेयर खरीदे हैं। यह भारी ब्लॉक डील कंपनी की कुल चुकता शेयर पूंजी का करीब 0.22 प्रतिशत हिस्सा है। इस हाई-प्रोफाइल शेयर अधिग्रहण प्रक्रिया में मुख्य रूप से कंपनी के प्रमोटर अतुल गर्ग, ममता गर्ग, हुकम चंद गर्ग और कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल निपुण जैन सक्रिय रूप से शामिल रहे, जिन्हें 'सहयोग से काम करने वाले व्यक्ति' (PAC) के रूप में नामित किया गया है। इस ताजा ब्लॉक खरीदारी के बाद अब जीआरएम ओवरसीज में प्रमोटर समूह और उनके सहयोगियों की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 13.05 करोड़ शेयर हो गई है, जिसका सीधा मतलब है कि कंपनी की कुल इक्विटी हिस्सेदारी में प्रमोटर्स का दबदबा अब बढ़कर 62.98 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर पहुंच गया है।
रेवेन्यू में 104.94% की बंपर उछाल और मुनाफा बढ़ा, फिर भी लाल निशान में क्यों बंद हुआ जीआरएम ओवरसीज का स्टॉक
जीआरएम ओवरसीज लिमिटेड ने हाल ही में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के अपने ऑडिटेड कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजे घोषित किए हैं। मार्च 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर 5.51 प्रतिशत बढ़कर 21.61 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 20.48 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाले आंकड़े कंपनी के परिचालन से प्राप्त राजस्व (Revenue from Operations) में देखे गए, जो 104.94 प्रतिशत की तूफानी बढ़त के साथ सीधे 597.20 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा महज 290 करोड़ रुपये था। हालांकि, इतने शानदार रेवेन्यू के बाद भी कंपनी के परिचालन मार्जिन और कामकाजी प्रदर्शन (Operational Performance) पर भारी दबाव देखा गया। कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते कंपनी का ईबीआईटीडीए (EBITDA) पिछले वर्ष के 32.7 करोड़ रुपये से मामूली रूप से घटकर 30 करोड़ रुपये रह गया। यही वजह रही कि प्रमोटर बाइंग के बावजूद दोपहर 2:25 बजे एनएसई (NSE) पर कंपनी का शेयर 4.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 89.43 रुपये पर और बीएसई (BSE) पर 4.02 प्रतिशत टूटकर 89.55 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा था।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते से ग्लोबल मार्केट में आई बहार, सेंसेक्स और निफ्टी ने बनाया नया रिकॉर्ड
जीआरएम ओवरसीज के इस घटनाक्रम के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई। इस महा-उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक शेयर बाजारों से मिले मजबूत संकेत और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी अंतरराष्ट्रीय गिरावट रही। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 107 दिनों से जारी भीषण युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस बड़ी भू-राजनीतिक राहत के चलते घरेलू बाजार में चौतरफा लिवाली देखी गई, जिसके कारण शुरुआती कारोबारी सत्र में ही 30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1,112.70 अंकों की विशाल छलांग लगाकर 76,648.74 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि 50 शेयरों वाल