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बॉलीवुड के बाद अब सियासत में धमाका करेंगी भूमि पेडनेकर? राजनीति में आने के सवाल पर दिया चौंकाने वाला बयान— 'देश सेवा मेरे खून में है'

हिंदी सिनेमा में अपनी संजीदा और बेबाक अदाकारी के लिए मशहूर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने एक ताजा बयान को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में आ गई हैं। सामाजिक मुद्दों पर हमेशा खुलकर अपनी राय रखने वाली भूमि ने अब राजनीति (पॉलिटिक्स) में एंट्री करने के साफ संकेत दे दिए हैं, जिसके बाद से ही कयासों का बाजार बेहद गर्म हो गया है। हाल ही में एक टॉक शो का हिस्सा बनीं भूमि ने बॉलीवुड की बदलती कहानियों, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और महिलाओं की शिक्षा जैसे गंभीर विषयों पर खुलकर बात की। इसी दौरान जब उनसे राजनीति में कदम रखने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद गर्व से कहा कि देश की सेवा करना उनके खून में है और इसके लिए वे भविष्य में बड़ा फैसला ले सकती हैं।

राजनीति में आने से कोई गुरेज नहीं, देश के लिए पर्दे के पीछे से भी कर रही हूं काम

भूमि पेडनेकर ने एनडीटीवी मराठी के विशेष कार्यक्रम ‘मंच’ में शिरकत करते हुए अपने दिल की बात सामने रखी। राजनीति में एंट्री की अटकलों को हवा देते हुए भूमि ने कहा, "मुझे एक भारतीय होने पर बेहद गर्व महसूस होता है। देश की सेवा करना और इसके लिए समर्पित रहना मेरे खून में शामिल है। आज भी मैं पर्दे के पीछे रहकर पर्यावरण और समाज के लिए जो भी काम करती हूं, वह असल में देश की सेवा का ही एक हिस्सा है। लेकिन अगर आगे चलकर देश की सच्ची सेवा करने के लिए मुझे प्रत्यक्ष रूप से राजनीति में भी कदम रखना पड़े, तो मैं इसके लिए बिल्कुल तैयार हूं। मैं राजनीति में आने से बिल्कुल मना नहीं करूंगी।" भूमि के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि वे आने वाले समय में किसी बड़े राजनीतिक दल का दामन थाम सकती हैं।

दहेज देने के बजाय बेटियों की पढ़ाई पर खर्च करें माता-पिता, तभी बदलेगा भारत

इंटरव्यू के दौरान भूमि ने भारतीय समाज में फैली कुरीतियों पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने देश के सभी माता-पिता से एक भावुक और जरूरी अपील करते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों की शादियों में पानी की तरह पैसा बहाने और भारी-भरकम दहेज देने की परंपरा को तुरंत बंद करें। इसकी जगह वे अपनी बेटियों की उच्च शिक्षा पर निवेश करें, उन्हें खूब पढ़ाएं-लिखाएं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करें। फिल्मों की स्क्रिप्ट पर बात करते हुए भूमि ने निराशा जताई कि आज बॉलीवुड के पास वैसी मजबूत कहानियां नहीं बची हैं जो पहले हुआ करती थीं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में ऐसी स्क्रिप्ट्स की बहुत ज्यादा जरूरत है जिनमें महिलाओं को मुख्य प्राथमिकता दी जाए और जो असली भारत की जमीनी हकीकत को दर्शाती हों।

"ट्रोलिंग एक खतरनाक बीमारी बन चुकी है, इसकी वजह से मैं रातों को रोई हूं"

सोशल मीडिया पर सेलेब्रिटीज के खिलाफ होने वाली नफरत और ट्रोलिंग पर भूमि ने अपना बड़ा दर्द साझा किया। उन्होंने ट्रोलिंग को एक गंभीर बीमारी और महामारी बताते हुए कहा, "आज के समय में रचनात्मक आलोचना, भद्दी ट्रोलिंग और बुलीइंग (धमकाना) के बीच का अंतर पूरी तरह खत्म हो चुका है। भले ही आज मैं इतनी मजबूत हो चुकी हूं कि मुझे इन ट्रोल्स से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मुझे बहुत ही बुरे और मानसिक तनाव के दौर से गुजरना पड़ा है। एक वक्त था जब इन सोशल मीडिया ट्रोल्स की वजह से मैं रातों को रोया करती थी। निगेटिव बातें लिखने वाले ये लोग भूल जाते हैं कि सेलिब्रिटी होने से पहले हम भी एक इंसान हैं, हमारा भी एक परिवार है। मेरी मां जब इंटरनेट पर मेरे बारे में लिखी ऐसी घटिया और नकारात्मक बातें पढ़ती हैं, तो वह बहुत ज्यादा परेशान और प्रभावित होती हैं।"

सिर्फ रील लाइफ नहीं, रियल लाइफ में भी 'क्लाइमेट वॉरियर' हैं भूमि पेडनेकर

अभिनय के अलावा भूमि पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी बेहद गंभीर हैं। उन्होंने अपने सामाजिक कार्यों का जिक्र करते हुए बताया, "मैंने साल 2018 में ‘क्लाइमेट वॉरियर’ नाम की एक मुहिम की शुरुआत की थी। इसके जरिए मैंने पर्यावरण और प्रकृति को बचाने के लिए जमीनी स्तर पर बहुत काम किया है। मैं हमेशा यह कोशिश करती हूं कि अपनी फिल्मों के जरिए भी दर्शकों को क्लाइमेट चेंज (जलवायु परिवर्तन) के खतरों के प्रति जागरूक कर सकूं। अगर हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में छोटी-छोटी आदतें बदलें, जैसे कि अपने जन्मदिन, एनिवर्सरी या शादियों के खास मौके पर फिजूलखर्ची करने के बजाय सिर्फ एक पौधा या पेड़ लगाएं, तो सोचिए यह प्रकृति और आने वाली पीढ़ी के लिए कितनी बड़ी और अनमोल सेवा होगी।"

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