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हर सिरदर्द सिर्फ स्ट्रेस नहीं होता, न्यूरोलॉजिस्ट ने बताए ब्रेन ट्यूमर के ये 5 शुरुआती लक्षण जिन्हें लोग अक्सर करते हैं इग्नोर

आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में ऑफिस के काम का दबाव, पारिवारिक चिंताएं और घंटों स्क्रीन के सामने वक्त गुजारना बेहद आम बात हो गई है। ऐसे में जब भी सिर में तेज दर्द होता है, तो ज्यादातर लोग इसे सामान्य तनाव या थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोग तो डॉक्टर की सलाह लिए बिना ही सालों तक पेनकिलर दवाइयां खाकर काम चलाते रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी सी लापरवाही किसी बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी का बुलावा हो सकती है? फोर्टिस अस्पताल की जानी-मानी न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नेहा पंडिता का कहना है कि अधिकांश सिरदर्द भले ही कम नींद, डिहाइड्रेशन, तनाव या आंखों की कमजोरी के कारण होते हैं, लेकिन अगर सिरदर्द का यह सिलसिला लगातार बना रहे, तो यह दिमाग के अंदर पनप रहे ब्रेन ट्यूमर का एक बड़ा और शुरुआती संकेत हो सकता है।

आखिर क्या होता है ब्रेन ट्यूमर और दिमाग में यह कैसे धीरे-धीरे पनपता है

लक्षणों को समझने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि ब्रेन ट्यूमर वास्तव में क्या है। हमारे दिमाग के अंदर या उसके आस-पास मौजूद कोशिकाओं (सेल्स) का जब अनियंत्रित विकास होने लगता है, तो वे आपस में मिलकर एक सख्त गांठ का रूप ले लेती हैं। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में कोशिकाओं के इसी असामान्य और अनियंत्रित गुच्छे को ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है। कई बार ये गांठें बेहद धीमी रफ्तार से बढ़ती हैं और लंबे समय तक मरीज को इसका अहसास भी नहीं होता, लेकिन जैसे-जैसे इनका आकार बड़ा होने लगता है, ये दिमाग की नसों और अन्य हिस्सों पर दबाव बनाने लगती हैं जिससे शरीर की पूरी कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगती है।

सुबह उठते ही तेज सिरदर्द होना और उल्टी आना है सबसे पहला बड़ा खतरा

डॉ. नेहा पंडिता के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर का सबसे प्रमुख और पहला लक्षण है लगातार रहने वाला सिरदर्द, जो वक्त के साथ कम होने के बजाय और ज्यादा गंभीर रूप अख्तियार करने लगता है। विशेष रूप से यदि आपको सुबह सोकर उठते ही सिर में असहज करने वाला तेज दर्द महसूस होता है और उसके साथ ही चक्कर आना या अचानक उल्टी (नौसिया) होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह दिमाग के अंदर बढ़ते दबाव का साफ संकेत हो सकता है।

धुंधला दिखना और शरीर का अचानक संतुलन खो जाना भी है खतरे की घंटी

ब्रेन ट्यूमर का असर हमारी आंखों की रोशनी पर भी बहुत तेजी से पड़ता है। यदि आपको अचानक से धुंधला दिखाई देने लगे, चीजों को देखने में परेशानी हो या फिर एक ही वस्तु दो-दो (डबल विजन) नजर आने लगे, तो सतर्क हो जाएं। लोग अक्सर इसे लंबे स्क्रीन टाइम का साइड इफेक्ट मानकर टाल देते हैं। इसके अलावा, शरीर के किसी एक हिस्से जैसे हाथ, पैर या पीठ में अचानक से कमजोरी महसूस होना, अंगों का बार-बार सुन्न पड़ जाना या फिर चलते और खड़े होते समय शरीर का अचानक संतुलन (बैलेंस) खो जाना भी ट्यूमर की शुरुआत के लक्षण हो सकते हैं।

बोलने में लड़खड़ाहट, याददाश्त कमजोर होना और अचानक से दौरे पड़ना

चूंकि हमारा दिमाग ही पूरे शरीर की गतिविधियों और याददाश्त को नियंत्रित करता है, इसलिए ट्यूमर होने पर मरीज की बोलचाल पर सीधा असर पड़ता है। बोलते समय अचानक जीभ लड़खड़ाने लगती है, मुंह से शब्द साफ नहीं निकलते और व्यक्ति अपनी बात सही ढंग से नहीं रख पाता। इसके साथ ही, यदि किसी व्यक्ति को जीवन में पहली बार अचानक से मिर्गी जैसे दौरे पड़ने लगें, स्वभाव में अचानक चिड़चिड़ापन या भारी बदलाव आ जाए, हर वक्त अत्यधिक थकान रहे और याददाश्त कमजोर होने लगे या भ्रम (कन्फ्यूजन) की स्थिति बनने लगे, तो यह बेहद गंभीर स्थिति हो सकती है।

न्यूरोलॉजिस्ट की बेहद महत्वपूर्ण सलाह: डरें नहीं बल्कि सही समय पर करवाएं जांच

डॉ. नेहा का स्पष्ट कहना है कि इन लक्षणों को बताने का मकसद लोगों के मन में डर पैदा करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी सेहत के प्रति जागरूक करना है। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि हर आम सिरदर्द होने पर आप घबराकर अस्पताल भागें। लेकिन यदि सिरदर्द के साथ-साथ आपको ऊपर बताए गए अन्य लक्षणों में से दो या तीन संकेत अपने शरीर में दिखाई दे रहे हैं, तो बिना एक दिन की भी देरी किए तुरंत किसी अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क कर मेडिकल चेकअप और ब्रेन स्कैन करवाना चाहिए। चिकित्सा विज्ञान में माना जाता है कि यदि ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी का शुरुआती स्टेज में ही पता चल जाए, तो सही इलाज के जरिए मरीज को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

 

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