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कड़ाही में बचे तेल को दोबारा गर्म करके बनाने जा रहे हैं खाना, पहले जान लीजिए इसके पीछे का 'साइलेंट किलर' सच

भारतीय घरों में जब भी त्योहारों या वीकेंड पर पूड़ी, पकौड़े, समोसे या कोई अन्य तली-भुनी चीजें बनती हैं, तो कड़ाही में भारी मात्रा में तेल बच जाना बेहद आम बात है। ऐसे में बजट बचाने और बर्बादी से बचने के लिए ज्यादातर घरों में उस बचे हुए तेल को अलग डिब्बे में रख दिया जाता है, ताकि अगली बार सब्जी या पराठे बनाते समय उसका दोबारा इस्तेमाल (Reused Cooking Oil) किया जा सके। पहली नजर में यह फैसला समझदारी भरा और किफायती लग सकता है क्योंकि तेल का रंग और साफ-सफाई बिल्कुल ठीक दिखाई देती है। लेकिन कड़ाही का यह बचा हुआ तेल आपकी सेहत के लिए एक 'साइलेंट किलर' की तरह काम करता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर बार जब कुकिंग ऑयल को तेज आंच पर दोबारा गर्म किया जाता है, तो उसके अंदर कई ऐसे खतरनाक रासायनिक बदलाव होने लगते हैं जो सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देते, लेकिन वे सीधे आपके पूरे शरीर को अंदर से खोखला कर सकते हैं।

बाहर से दिखता है एकदम साफ, लेकिन अंदर बन चुका होता है 'जहर'

कई बार गृहिणियां सोचती हैं कि तेल का रंग अभी काला नहीं पड़ा है, इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन विज्ञान कहता है कि जब किसी भी खाद्य तेल को स्मोकिंग पॉइंट (तेज आंच) पर बार-बार गर्म किया जाता है, तो उसकी मूल आणविक संरचना (Molecular Structure) टूटने लगती है। इस प्रक्रिया के कारण तेल में 'फ्री रेडिकल्स' और 'ट्रांस फैट्स' की मात्रा अचानक कई गुना बढ़ जाती है। यही वजह है कि बाहर से बिल्कुल सामान्य और पारदर्शी दिखने वाला तेल असल में अंदर से एक धीमे जहर में तब्दील हो चुका होता है, जो खाने के पोषक तत्वों को पूरी तरह नष्ट कर देता है।

खाने का असली स्वाद हो जाता है गायब, आने लगती है अजीब सी महक

अगर आपने कभी ध्यान दिया हो, तो री-यूज्ड यानी दोबारा इस्तेमाल किए गए तेल में बनी चीजों का स्वाद बिल्कुल अलग और अजीब होता है। बार-बार उबाला गया तेल भोजन के असली और प्राकृतिक स्वाद को पूरी तरह से दबा देता है। ऐसे तेल में बनी पूड़ी या पकौड़े जरूरत से ज्यादा चिपचिपे, भारी और तेल सोखे हुए महसूस होते हैं। कई बार तो ऐसे खाने से एक अजीब सी कड़वाहट या बासी महक भी आने लगती है, जो आपके पूरे खाने का मजा किरकिरा करने के लिए काफी है।

पाचन तंत्र का दुश्मन है दोबारा गर्म किया गया तेल, गैस और भारीपन की समस्या

पुराने और बार-बार गर्म किए गए कुकिंग ऑयल में बनी चीजों को पचाना हमारे लिवर और आंतों के लिए बेहद मुश्किल काम होता है। ऐसा भोजन शरीर के अंदर जाते ही एसिडिटी, सीने में भयंकर जलन, खट्टी डकारें और पेट फूलने (Bloating) जैसी गंभीर पेट की बीमारियों को ट्रिगर करता है। अगर आप लगातार कई दिनों तक ऐसे तेल का सेवन करते हैं, तो यह आपके डाइजेशन सिस्टम को पूरी तरह धीमा कर देता है, जिससे पेट से जुड़ी पुरानी बीमारियां घर कर लेती हैं।

आपके दिल का सबसे बड़ा दुश्मन, धमनियों में ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा

इस आदत का सबसे खतरनाक और जानलेवा असर हमारे दिल की सेहत (Heart Health) पर पड़ता है। बार-बार गर्म होने वाले तेल में टॉक्सिक तत्व और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) की मात्रा इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि यह धीरे-धीरे हमारी खून की धमनियों (Blood Vessels) की दीवारों पर जमना शुरू हो जाता है। लंबे समय तक ऐसा अनहेल्दी खाना खाने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है और धमनियों में ब्लॉकेज होने के कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए सेहतमंद रहने के लिए कड़ाही में बचे तेल को दोबारा री-हीट करने की आदत को आज ही अलविदा कहें।

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