post-slider

झारखंड में राज्यसभा चुनाव का बिगुल बजा, दो सीटों के लिए तारीखों का हुआ बड़ा ऐलान, जानिए किस दिन डाले जाएंगे वोट

झारखंड के सियासी गलियारों से इस वक्त की बेहद बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। झारखंड में राज्यसभा की दो खाली हो रही सीटों को भरने के लिए चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सोमवार को इस संबंध में विस्तृत चुनाव कार्यक्रम (शेड्यूल) जारी कर दिया गया। झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने खुद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पूरे चुनावी कार्यक्रम की चरणबद्ध जानकारी साझा की है। इस घोषणा के साथ ही सूबे में राजनीतिक सरगर्मियां सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं और तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी गोटियां सेट करना शुरू कर दिया है।

8 जून तक दाखिल किए जा सकेंगे नामांकन, जानिए पूरा शेड्यूल

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने चुनाव आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण राज्यसभा चुनाव के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी शेड्यूल के अनुसार, प्रत्याशी 8 जून 2026 तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद अगले दिन यानी 9 जून को दाखिल किए गए सभी नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) की जाएगी। यदि कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहता है, तो उसके लिए 11 जून 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। नामांकन वापसी की अवधि बीतने के बाद ही चुनावी मैदान की अंतिम तस्वीर साफ हो पाएगी।

18 जून को ही होगी वोटिंग और उसी शाम आ जाएंगे नतीजे

झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान और मतगणना की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि दो सीटों के लिए मैदान में दो से अधिक उम्मीदवार उतरते हैं, तो ऐसी स्थिति में 18 जून 2026 को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान (वोटिंग) कराया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जिस दिन मतदान होगा, उसी दिन वोटों की गिनती भी कर ली जाएगी। मतदान समाप्त होने के ठीक एक घंटे बाद यानी 18 जून की शाम करीब 5:00 बजे से मतों की गणना शुरू हो जाएगी और रात तक परिणाम भी सामने आ जाएंगे। चुनाव आयोग ने इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को 20 जून तक हर हाल में संपन्न कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग सख्त, गड़बड़ी करने वालों पर होगी तुरंत जेल

चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) जैसी आशंकाओं पर बात करते हुए सीईओ के. रवि कुमार ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि राज्यसभा चुनाव के संबंध में हर छोटी-बड़ी गतिविधि की रिपोर्ट सीधे केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजी जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का कोई सुरक्षा खतरा पैदा नहीं होने दिया जाएगा। स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना आयोग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। यदि किसी भी स्तर पर कोई सुरक्षा संबंधी लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल और बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तारीखों के ऐलान से पहले ही झारखंड की राजनीति में मची है भारी खींचतान

झारखंड के राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार का दिन बेहद खास रहा क्योंकि इसके साथ ही अब सस्पेंस खत्म हो गया है। हालांकि, इस आधिकारिक घोषणा से पहले ही झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच जबरदस्त सियासी खींचतान और बयानबाजी देखने को मिल रही थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों ही सीटों पर कब्जा जमाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच पर्दे के पीछे से लेकर सदन के भीतर तक तगड़ी घेराबंदी देखने को मिल सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन से नए चेहरे दिल्ली के लिए उड़ान भरते हैं।

Tags: