रांची के JSCA स्टेडियम में JPL T20 फाइनल के दौरान भारी भीड़ से मची भगदड़, सुरक्षा घेरा टूटा
झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद परेशान करने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। रांची के धुर्वा स्थित जेएससीए (JSCA) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में मंगलवार (23 जून) की शाम अचानक भारी भगदड़ मच गई। यह हादसा झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के हाई-प्रोफाइल फाइनल मुकाबले के दौरान हुआ। फाइनल मैच देखने के लिए उमड़ी खेल प्रेमियों की बेकाबू भीड़ और लचर भीड़ प्रबंधन के कारण प्रवेश द्वार पर यह दर्दनाक स्थिति पैदा हुई। इस भगदड़ में कई दर्शकों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुरक्षा जांच और धीमी एंट्री बनी हादसे की वजह; वेस्ट गेट पर अचानक बढ़ा दबाव
प्रत्यक्षदर्शियों और स्टेडियम के सुरक्षाकर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर से ही राज्य के कोने-कोने से बड़ी संख्या में क्रिकेट फैंस फाइनल मैच का लुत्फ उठाने के लिए स्टेडियम पहुंचने लगे थे। मैच शुरू होने से ठीक पहले स्टेडियम के वेस्ट गेट (West Gate) पर दर्शकों की तादाद अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई।
क्यों बिगड़े हालात: गेट पर प्रवेश की प्रक्रिया बेहद धीमी थी और सुरक्षा जांच (Security Check) में हो रहे विलंब के कारण स्टेडियम के बाहर किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। इसी बीच मैच शुरू होने की हड़बड़ी में पीछे से आ रहे दर्शकों का दबाव कतारों पर लगातार बढ़ता गया और देखते ही देखते गेट के पास भयंकर धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसने कुछ ही मिनटों में भगदड़ का रूप ले लिया।
तीन घायल रांची के अस्पताल में भर्ती; स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दिए तुरंत निर्देश
भगदड़ की इस घटना में कई लोगों को मामूली और गंभीर चोटें आई हैं। इनमें से अत्यधिक चोटिल तीन दर्शकों (जिनमें एक युवक और दो युवतियां शामिल हैं) को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए रांची के राज हॉस्पिटल भेजा गया, जहां डॉक्टर्स की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
उधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने कहा, "रांची स्टेडियम में हुई इस घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। रांची के सिविल सर्जन और संबंधित अस्पताल के अधिकारियों को घायलों के समुचित एवं त्वरित इलाज के लिए कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं।"
अव्यवस्था से भड़के फैंस, बैरिकेडिंग और वीआईपी गेट को पहुंचाया नुकसान
स्टेडियम प्रशासन की घोर अव्यवस्था और घंटों प्रवेश न मिलने से नाराज दर्शकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब गेट के पास फंसे कुछ दर्शकों ने सुरक्षा घेरा (Security Cord) तोड़ने का प्रयास किया। उग्र भीड़ ने वेस्ट गेट और वहां लगाई गई लोहे की बैरिकेडिंग के एक बड़े हिस्से को उखाड़ फेंका और उसे भारी नुकसान पहुंचाया। घटना के चलते स्टेडियम के बाहर काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अतिरिक्त बल तैनात, सुरक्षा सख्त; बड़े आयोजनों में क्राउड मैनेजमेंट पर उठे सवाल
वेस्ट गेट पर हंगामे और भगदड़ की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बेकाबू हो रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद जैसे-तैसे स्थिति को पूरी तरह काबू में किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा चूक की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल स्टेडियम परिसर और उसके आसपास के सुरक्षा घेरे को और भी ज्यादा कड़ा कर दिया गया है। हालांकि, इस हादसे ने बड़े खेल आयोजनों में राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) और सुरक्षा मुस्तैदी के दावों पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।