NCERT के सिलेबस में बड़ा बदलाव: पहले 8वीं की किताब से हटाया 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' का चैप्टर, अब 9वीं में पढ़ाया जाएगा निष्पक्ष कोर्ट का पाठ

NCERT के सिलेबस में बड़ा बदलाव: पहले 8वीं की किताब से हटाया 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' का चैप्टर, अब 9वीं में पढ़ाया जाएगा निष्पक्ष कोर्ट का पाठ

एनसीईआरटी की किताबों में पाठ्यक्रम संशोधन का नया मामला

देश में स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम को तैयार करने वाली संस्था एनसीईआरटी (NCERT) अपनी किताबों में बदलावों को लेकर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किताबों को आधुनिक और प्रासंगिक बनाने के अभियान के बीच सामाजिक विज्ञान के सिलेबस में यह नया बदलाव किया गया है। एनसीईआरटी ने कक्षा 8वीं की राजनीति विज्ञान की पुरानी पाठ्यपुस्तकों से 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' (Corruption In Judiciary) से संबंधित सामग्री और संदर्भों को पूरी तरह से हटा दिया है।

9वीं की नई पुस्तक में न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर विशेष फोकस

8वीं कक्षा के पाठ्यक्रम से विवादित या नकारात्मक संदर्भों को हटाने के बाद, एनसीईआरटी ने कक्षा 9वीं की नागरिक शास्त्र (Civics) की पुस्तक में न्यायपालिका के सकारात्मक और संवैधानिक स्वरूप को मजबूती से पेश किया है। नए अध्याय में भारतीय न्यायपालिका (Indian Judiciary) को पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ बताया गया है। इसमें छात्रों को यह सिखाया जा रहा है कि कैसे भारत की अदालतें बिना किसी राजनीतिक या सरकारी दबाव के पूरी स्वतंत्रता के साथ काम करती हैं।

शिक्षा जगत और सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

एनसीईआरटी के इस कदम को लेकर शिक्षाविदों, राजनीतिक विश्लेषकों और सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का एक धड़ा जहां इसे स्कूली बच्चों के मानसिक विकास के लिए सही मान रहा है, ताकि वे देश की व्यवस्था पर भरोसा करना सीखें, वहीं कुछ आलोचकों का कहना है कि छात्रों को व्यवस्था की कमियों और चुनौतियों के बारे में भी जानकारी मिलनी चाहिए। बहरहाल, एनसीईआरटी ने साफ किया है कि यह बदलाव केवल पाठ्यक्रम को बोझमुक्त और अधिक संतुलित बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

Latest Posts