RPSC SI Re-Exam: सब-इंस्पेक्टर री-एग्जाम का रास्ता साफ, 8 जुलाई से खुली करेक्शन विंडो; चूके तो पछताएंगे
राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर एक बेहद बड़ा और राहत भरा अपडेट सामने आया है। राजस्थान हाईकोर्ट के ऐतिहासिक अंतरिम आदेश के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने एसआई भर्ती परीक्षा के आयोजन को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कोर्ट के हरी झंडी देने के बाद अब उन सभी अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा में बैठने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है जिन्होंने मूल विज्ञापन के समय इस भर्ती के लिए आवेदन किया था। इसी कड़ी में आयोग द्वारा आज यानी 8 जुलाई से एक विशेष करेक्शन विंडो (Correction Window) ओपन कर दी गई है। अगर आप भी इस री-एग्जाम में शामिल होने जा रहे हैं, तो आपके लिए 22 जुलाई से पहले 3 सबसे महत्वपूर्ण कामों को निपटाना अनिवार्य है, वरना आपकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है और आप परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
हाईकोर्ट के आदेश से मिला सभी अभ्यर्थियों को समान मौका
इस विवादित भर्ती परीक्षा में पहले केवल उन चुनिंदा अभ्यर्थियों को ही राहत मिलती दिख रही थी, जिन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट के नए और व्यापक आदेश के बाद अब आरपीएससी ने बड़ा फैसला लेते हुए इस परीक्षा के सभी पंजीकृत उम्मीदवारों को पुनः परीक्षा (Re-Exam) में बैठने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं और पुलिस महकमे में जाने का ख्वाब देख रहे अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। प्रतियोगिता अब और कड़ी होने वाली है, क्योंकि सभी पुराने अभ्यर्थी इस महा-मुकाबले में एक बार फिर अपनी किस्मत आजमाएंगे।
एसएसओ आईडी पर ओटीआर और केवाईसी अपडेट करना है पहला कदम
आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जिन अभ्यर्थियों को इस री-एग्जाम में शामिल होना है, उन्हें सबसे पहले अपनी राजस्थान एसएसओ (SSO) आईडी पर लॉगिन करना होगा। यहां जाकर आपको अपना वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) और नो योर कस्टमर (KYC) वेरिफिकेशन अपडेट करना सबसे पहला और जरूरी काम है। इस प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को अपनी नई लाइव फोटो, एकदम स्पष्ट हस्ताक्षर (Signature) और डिजिटल अंगूठे का निशान (Thumb Impression) पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस कड़े सुरक्षा फीचर को इसलिए जोड़ा गया है ताकि परीक्षा में किसी भी तरह की फर्जीवाड़े या डमी कैंडिडेट की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
आवेदन पत्र में पर्सनल डिटेल्स और वर्तमान पते की जांच
दूसरे चरण में अभ्यर्थियों को अपने मुख्य आवेदन पत्र को 'एडिट मोड' में खोलकर उसमें दर्ज सभी जानकारियों का मिलान करना होगा। विशेष रूप से आपको अपना चालू मोबाइल नंबर, एक्टिव ईमेल आईडी और वर्तमान पत्राचार का पता (Address) जांचना और यदि आवश्यक हो तो बदलना होगा। परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी सूचना जैसे एडमिट कार्ड लाइव होना या सेंटर चेंज की जानकारी सीधे आपके इसी नंबर पर भेजी जाएगी। ध्यान रहे कि जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में मई महीने के दौरान अपनी इन जानकारियों को सफलतापूर्वक अपडेट कर लिया था, उन्हें इस बार दोबारा ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन एक बार स्टेटस चेक करना समझदारी होगी।
सबसे महत्वपूर्ण: स्वघोषणा पत्र स्वीकार कर ओटीपी सत्यापन करना न भूलें
सभी जानकारियों को दुरुस्त करने के बाद सबसे आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण काम है 'सेल्फ-डिक्लेरेशन' यानी स्वघोषणा पत्र को सबमिट करना। जैसे ही आप अपने फॉर्म के अंतिम चरण में पहुंचेंगे, स्क्रीन पर एक डिक्लेरेशन बॉक्स दिखाई देगा। इसे ध्यानपूर्वक पढ़कर आपको 'I Accept' पर टिक करना होगा। इसके तुरंत बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा। इस ओटीपी को दर्ज करके जब आप फाइनल सबमिशन करेंगे, तभी आपका फॉर्म पूर्ण रूप से स्वीकार माना जाएगा। कई अभ्यर्थी सिर्फ जानकारी अपडेट करके फॉर्म छोड़ देते हैं और ओटीपी वेरिफिकेशन भूल जाते हैं, जिससे उनका फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है।
नोट कर लें जरूरी तारीखें और परीक्षा की टाइमलाइन
आरपीएससी द्वारा जारी आधिकारिक टाइमलाइन के अनुसार, यह करेक्शन विंडो 8 जुलाई से शुरू होकर 22 जुलाई की रात 12 बजे तक ही खुली रहेगी। इसके बाद आयोग किसी भी परिस्थिति में दोबारा मौका नहीं देगा। वहीं, विभाग ने आरपीएससी सब-इंस्पेक्टर री-एग्जाम की संभावित तिथि 20 सितंबर तय की है। ऐसे में अभ्यर्थियों के पास अब तैयारी के लिए बेहद सीमित समय बचा है। प्रशासनिक स्तर पर परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और सुरक्षा पुख्ता करने की कवायद अभी से शुरू कर दी गई है ताकि इस बार बिना किसी विवाद के पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा संपन्न कराई जा सके।