'क्या पासपोर्ट भी मान्य नहीं?' चुनाव आयोग और BJP पर असदुद्दीन ओवैसी का अब तक का सबसे बड़ा हमला

'क्या पासपोर्ट भी मान्य नहीं?' चुनाव आयोग और BJP पर असदुद्दीन ओवैसी का अब तक का सबसे बड़ा हमला

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग (Election Commission) और केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। ओवैसी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए चलाई जा रही 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे पूरी तरह अतार्किक और भेदभावपूर्ण करार दिया है।

"कड़े पुलिस वेरिफिकेशन के बाद बनने वाला पासपोर्ट भी सबूत नहीं?" – ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता की समीक्षा के नाम पर खड़ी की जा रही प्रशासनिक और नौकरशाही बाधाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' प्रक्रिया के तहत नागरिकता या पहचान के सत्यापन के लिए निर्धारित 12 महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से अब तक सिर्फ 8 को ही स्वीकार किया गया है, जबकि कई अन्य जरूरी दस्तावेजों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

ओवैसी ने मुख्य चुनाव अधिकारी के समक्ष उठाए गए मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा:

  • महत्वपूर्ण दस्तावेज खारिज: चुनाव आयोग द्वारा पहचान पत्र, पैन (PAN) कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा कार्ड (राशन कार्ड) जैसे स्थापित सरकारी दस्तावेजों को पूरी तरह मान्य करने से इनकार कर दिया गया है।

  • पासपोर्ट पर बड़ा सवाल: ओवैसी ने सबसे ज्यादा नाराजगी भारतीय पासपोर्ट को वैध दस्तावेज न मानने पर जताई। उन्होंने कहा, "भारतीय पासपोर्ट देश का नागरिक होने का सबसे पुख्ता प्रमाण है, जो बेहद कड़े पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) की लंबी प्रक्रिया के बाद ही गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। यह किसी भी विदेशी व्यक्ति को नहीं मिल सकता। ऐसे में इसे नागरिकता के सबूत के तौर पर स्वीकार न करना पूरी तरह समझ से परे और अतार्किक है।"

"वह दिन दूर नहीं जब सिर्फ बीजेपी सदस्यों को ही नागरिक माना जाएगा"

अल्पसंख्यकों और हाशिए पर मौजूद वर्गों को जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाते हुए ओवैसी ने सत्ता पक्ष पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में चेतावनी दी:

"जिस तरह के नियम और मानदंड आज तय किए जा रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि वह दिन अब ज्यादा दूर नहीं है जब देश में केवल आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता लेने वाले लोगों को ही भारत का असली नागरिक माना जाएगा। संवैधानिक अधिकारों को किसी एक राजनीतिक दल की निष्ठा और सदस्यता अभियान तक सीमित कर देना हमारे देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संविधान की मूल भावना को पूरी तरह कमजोर कर रहा है।"

राम मंदिर फंड और बुलडोजर कार्रवाई पर सनसनीखेज आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ओवैसी ने अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावे और चंदे को लेकर हाल ही में सामने आए वित्तीय विवादों का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भव्य मंदिर का निर्माण करोड़ों आम लोगों की आस्था की पवित्र नींव पर हुआ था, लेकिन अब इस फंड से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के कारण सत्ताधारी दल ने अपनी पूरी विश्वसनीयता खो दी है।

ओवैसी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा:

  • ध्यान भटकाने की राजनीति: मंदिर फंड में हुए गहरे भ्रष्टाचार और अपनी प्रशासनिक विफलताओं पर पारदर्शी तरीके से जवाब देने के बजाय सरकार जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

  • अल्पसंख्यकों पर निशाना: इस भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए ही जानबूझकर मुस्लिम संपत्तियों और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ लगातार एकतरफा बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

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