Chandra Darshan 2026: जुलाई की पहली चंद्र दर्शन तिथि कब है? जानें पूजा की सही विधि और महत्व
धार्मिक मान्यताओं में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है। अमावस्या के ठीक अगले दिन, जब चंद्रमा की पहली पतली रेखा दिखाई देती है, उसे 'चंद्र दर्शन' कहा जाता है। यह दिन न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ज्योतिष शास्त्र में भी इसे मानसिक शांति और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना गया है। जुलाई 2026 में चंद्र दर्शन कब है और इस दिन चंद्रमा की पूजा कैसे करनी चाहिए, आइए जानते हैं इसकी पूरी जानकारी।
जुलाई 2026 में कब है चंद्र दर्शन?
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस माह चंद्र दर्शन 11 जुलाई 2026 को होगा। अमावस्या तिथि समाप्त होने के बाद, शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर चंद्रमा का दर्शन करना सबसे शुभ माना जाता है। चूंकि चंद्रमा को मन का कारक माना गया है, इसलिए इस दिन चंद्र दर्शन करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
चंद्र दर्शन का महत्व
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मानसिक शांति: चंद्रमा को शीतलता का प्रतीक माना जाता है। चंद्र दर्शन करने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक विचारों का नाश होता है।
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सौभाग्य में वृद्धि: सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए इस दिन विशेष प्रार्थना करती हैं।
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ज्योतिषीय लाभ: जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर है या जो लोग अक्सर मानसिक रूप से परेशान रहते हैं, उनके लिए चंद्र दर्शन और पूजा करना बेहद प्रभावी माना गया है।
कैसे करें चंद्रमा की पूजा? (पूजा विधि)
चंद्र दर्शन के दिन चंद्रमा की पूजा करने के लिए आप इन सरल चरणों का पालन कर सकते हैं:
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संध्या के समय तैयार हों: सूर्यास्त के बाद स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
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अर्घ्य देना: एक तांबे के पात्र में जल भरें, उसमें थोड़ा कच्चा दूध, अक्षत (चावल) और सफेद फूल मिलाएं। चंद्रमा के उदय होते ही उन्हें 'ओम सों सोमाय नमः' मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें।
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प्रार्थना: अर्घ्य देने के बाद चंद्रमा के सामने खड़े होकर अपनी मनोकामना कहें और उनसे सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।
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चंद्र दर्शन: अर्घ्य देने के पश्चात चंद्रमा की पहली झलक को ध्यानपूर्वक देखें और अपनी आंखों पर हाथ फेरें। माना जाता है कि इससे दृष्टि दोष दूर होते हैं।
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दान-पुण्य: इस दिन सफेद वस्तुओं जैसे चावल, चीनी, दूध या दही का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
चंद्र दर्शन के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
चंद्र दर्शन के दिन सात्विक भोजन करें। इस दिन मांस-मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है। साथ ही, मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें और पूरे दिन अपने व्यवहार में नम्रता बनाए रखें। यदि आप भगवान शिव के भक्त हैं, तो चंद्र दर्शन के दिन भगवान शिव की भी पूजा करें, क्योंकि चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हैं।