गुरु बृहस्पति के 108 नाम: बदलें अपनी किस्मत और पाएं जीवन के हर मोड़ पर सफलता
ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सौभाग्य, ज्ञान, शिक्षा, धर्म और असीम समृद्धि का कारक माना गया है। जिस जातक की कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत स्थिति में होते हैं, उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और भाग्योदय का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यदि आप भी अपने करियर में तरक्की, वैवाहिक जीवन में सुख और आध्यात्मिक शांति की तलाश में हैं, तो गुरु बृहस्पति के 108 पवित्र नामों का श्रद्धापूर्वक जाप करना अत्यंत चमत्कारिक परिणाम देता है। इन नामों का निरंतर जाप करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि गुरु की कृपा से जीवन की कठिन राहें भी आसान हो जाती हैं।
बृहस्पति देव के 108 पावन नाम (सूची)
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ॐ बृहस्पतये नमः, 2. ॐ गुरवे नमः, 3. ॐ धीराय नमः, 4. ॐ विद्वांस नमः, 5. ॐ ज्ञानदाय नमः, 6. ॐ विदुषे नमः, 7. ॐ बागीशाय नमः, 8. ॐ सुरगुरवे नमः, 9. ॐ सुराचार्याय नमः, 10. ॐ दयासिंधवे नमः, 11. ॐ परमगुरवे नमः, 12. ॐ देवाचार्य नमः, 13. ॐ धिषणाय नमः, 14. ॐ जीव नमः, 15. ॐ अंगिरसाय नमः, 16. ॐ वाचस्पतये नमः, 17. ॐ सर्वाचार्याय नमः, 18. ॐ ज्ञानमूर्तये नमः, 19. ॐ लोकगुरवे नमः, 20. ॐ विभव नमः, 21. ॐ सर्वज्ञाय नमः, 22. ॐ विमलाय नमः, 23. ॐ विमलप्रभाय नमः, 24. ॐ धीरप्रज्ञाय नमः, 25. ॐ गम्भीराय नमः, 26. ॐ नयज्ञाय नमः, 27. ॐ नीतिनिपुणाय नमः, 28. ॐ सत्यवचसे नमः, 29. ॐ धर्मी नमः, 30. ॐ धर्मज्ञाय नमः, 31. ॐ पुण्यलोकाय नमः, 32. ॐ सतां नमः, 33. ॐ प्रिय नमः, 34. ॐ विष्णवे नमः, 35. ॐ विष्णुपरायणाय नमः, 36. ॐ जितेंद्रियाय नमः, 37. ॐ विजितात्मने नमः, 38. ॐ धीमता नमः, 39. ॐ वरदाय नमः, 40. ॐ शुभ नमः, 41. ॐ वराय नमः, 42. ॐ सौम्याय नमः, 43. ॐ शान्ताय नमः, 44. ॐ कल्याणात्मने नमः, 45. ॐ सुखावहाय नमः, 46. ॐ बुद्धिदाय नमः, 47. ॐ वेदपारायणाय नमः, 48. ॐ यशस्विने नमः, 49. ॐ सर्वकामप्रदाय नमः, 50. ॐ धनेश्वराय नमः, 51. ॐ यशःप्रदाय नमः, 52. ॐ कीर्तिप्रदाय नमः, 53. ॐ लक्ष्मीप्रदाय नमः, 54. ॐ सौभाग्यदाय नमः, 55. ॐ ऐश्वर्यदाय नमः, 56. ॐ सर्वदोषहराय नमः, 57. ॐ पापनाशनाय नमः, 58. ॐ महाभागाय नमः, 59. ॐ तेजोनिधये नमः, 60. ॐ सर्वैश्वर्यमयाय नमः, 61. ॐ अनन्ताय नमः, 62. ॐ अमोघाय नमः, 63. ॐ सर्वसिद्धये नमः, 64. ॐ महोज्ज्वलाय नमः, 65. ॐ ज्ञानगम्याय नमः, 66. ॐ शास्त्रज्ञाय नमः, 67. ॐ वेदज्ञाय नमः, 68. ॐ सर्वशास्त्रविदे नमः, 69. ॐ विमलज्ञानिने नमः, 70. ॐ योगिने नमः, 71. ॐ योगप्रियाय नमः, 72. ॐ योगगुरवे नमः, 73. ॐ सर्वयोगमयाय नमः, 74. ॐ महायोगिने नमः, 75. ॐ योगसिद्धये नमः, 76. ॐ योगेश्वराय नमः, 77. ॐ महात्मे नमः, 78. ॐ सर्वदेवाय नमः, 79. ॐ देवेशाय नमः, 80. ॐ गुरुवराय नमः, 81. ॐ सुरासुरगुरवे नमः, 82. ॐ सर्वज्ञाय नमः, 83. ॐ ज्ञानगम्याय नमः, 84. ॐ धिषणाय नमः, 85. ॐ मतिप्रदाय नमः, 86. ॐ सुबुद्धये नमः, 87. ॐ महद्बुद्धये नमः, 88. ॐ धीरप्रज्ञाय नमः, 89. ॐ विमलमनाय नमः, 90. ॐ शुचि नमः, 91. ॐ पवित्राय नमः, 92. ॐ सर्वपापघ्नाय नमः, 93. ॐ दुष्टदमनाय नमः, 94. ॐ भक्तवत्सलाय नमः, 95. ॐ शरण्य नमः, 96. ॐ आश्रिताभयदाय नमः, 97. ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः, 98. ॐ सर्वदा नमः, 99. ॐ सर्वमयाय नमः, 100. ॐ सर्वगुरवे नमः, 101. ॐ सर्वविद्यापरायणाय नमः, 102. ॐ ब्रह्मणे नमः, 103. ॐ परब्रह्मणे नमः, 104. ॐ सच्चिदानन्दमयाय नमः, 105. ॐ अनन्ताय नमः, 106. ॐ शान्ताय नमः, 107. ॐ बृहस्पतये नमः, 108. ॐ नमो नमः।
कैसे करें पूजा और जाप का नियम
इन नामों का लाभ उठाने के लिए सही विधि अपनाना अनिवार्य है। गुरुवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में भगवान बृहस्पति की प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित करें। उन्हें हल्दी का तिलक लगाएं, पीले फूल और चने की दाल का भोग अर्पित करें। इसके बाद एक शांत स्थान पर बैठकर 'बृहस्पति देव के 108 नामों' का पूरे मन से उच्चारण करें। इस जाप से कुंडली में गुरु ग्रह से जुड़े सभी दोष शांत हो जाते हैं और सौभाग्य के द्वार खुलते हैं। यह अभ्यास आपके जीवन की बाधाओं को दूर करने और सकारात्मकता लाने के लिए एक सरल किंतु प्रभावी उपाय है।