दिल्ली से बिहार तक का सफर होगा पानी की तरह आसान, यूपी सरकार बनाने जा रही है 3 नए चमचमाते एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश को 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के रूप में स्थापित करने के बाद अब राज्य सरकार सूबे के सड़क बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक नए मुकाम पर ले जाने की तैयारी में है। यूपी में निर्बाध और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने तीन नए मेगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में कदम बहुत तेज कर दिए हैं।
इन तीन नई परियोजनाओं में मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे शामिल हैं। शासन स्तर पर इन तीनों महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और कागजी सत्यापन का काम युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर शुरू किया जा सके।
पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बीच दूरी कम करेगा मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड के आध्यात्मिक शहर हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे एक बड़ी सौगात बनने जा रहा है। लगभग 150 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मुख्य रूप से मेरठ, अमरोहा, बिजनौर और हरिद्वार जैसे प्रमुख जिलों और शहरों को आपस में सीधे जोड़ेगा।
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे आगे चलकर महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट कर दिया जाएगा। इस कनेक्टिविटी के बाद पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के बीच का सफर बेहद आसान, सुरक्षित और समय की बचत करने वाला साबित होगा।
विंध्य एक्सप्रेसवे से चमकेगी विंध्य क्षेत्र की आर्थिक कनेक्टिविटी
औद्योगिक और धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण विंध्य क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने के लिए 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण को हरी झंडी दी गई है। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जैसे अहम जिलों को आपस में जोड़ते हुए आगे बढ़ेगा।
विंध्य एक्सप्रेसवे को भी गंगा एक्सप्रेसवे से लिंक करने की योजना है, जिससे इस पूरे अंचल को सीधे राजधानी लखनऊ और दिल्ली-एनसीआर से एक बेहतरीन कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इस कॉरिडोर के बनने से सोनभद्र और मिर्जापुर जैसे खनिज समृद्ध इलाकों में नए उद्योगों और पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जोड़ेगा पूर्वी यूपी की कड़ियों को
पूर्वी उत्तर प्रदेश और विंध्य क्षेत्र के बीच के फासलों को मिटाने के लिए सरकार लगभग 130 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काम कर रही है। यह नया रूट गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी (काशी) और मिर्जापुर को आपस में कनेक्ट करेगा। इसे सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जिससे बिहार सीमा से लेकर वाराणसी और मिर्जापुर तक का आवागमन पूरी तरह सुगम हो जाएगा। इस लिंक रोड के तैयार होने से न सिर्फ आम यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि कृषि और व्यापारिक उत्पादों को भी कम समय में मंडियों तक पहुंचाया जा सकेगा।