यूपी के 12 लाख शिक्षकों और शिक्षामित्रों की चांदी, योगी सरकार देगी 1 करोड़ का एक्सीडेंटल कवर और कैशलेस इलाज

यूपी के 12 लाख शिक्षकों और शिक्षामित्रों की चांदी, योगी सरकार देगी 1 करोड़ का एक्सीडेंटल कवर और कैशलेस इलाज

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी पहल की गई है। अब किसी दुर्घटना की स्थिति में उन्हें इलाज और आर्थिक सहायता की चिंता कम होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी दौरे के दौरान भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ हुए समझौते के जरिए इस नई सामाजिक सुरक्षा योजना की घोषणा की। इस योजना का लाभ 12 लाख से अधिक कर्मचारियों तक पहुंचेगा।

किन लोगों को मिलेगा फायदा

यह योजना केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। इसमें स्थायी और संविदा दोनों श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। करीब 4.50 लाख स्थायी कर्मचारी और लगभग 5.50 लाख संविदा कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही शिक्षामित्र, अनुदेशक, मिड-डे मील योजना में कार्यरत रसोइये और विभाग के अन्य पात्र कर्मचारी भी इस सुरक्षा योजना का हिस्सा होंगे।

दुर्घटना के समय मिलेगी मजबूत आर्थिक मदद

योजना के तहत कर्मचारियों को कई तरह की बीमा सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस शामिल है। यदि किसी कर्मचारी के साथ दुर्घटना होती है तो 1 करोड़ रुपये तक का पर्सनल एक्सीडेंट कवर मिलेगा। स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में भी 1 करोड़ रुपये तक का बीमा लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा अतिरिक्त दुर्घटना बीमा और जरूरत पड़ने पर कैशलेस इलाज की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इससे अचानक आने वाले बड़े खर्च का बोझ काफी कम हो सकेगा।

परिवार की सुरक्षा पर भी खास ध्यान

इस योजना का उद्देश्य केवल कर्मचारी को बीमा देना नहीं है बल्कि उसके परिवार को भी आर्थिक मजबूती देना है। यदि किसी शिक्षक या कर्मचारी के साथ गंभीर हादसा होता है तो उसके परिवार को जरूरी वित्तीय सहायता मिल सकेगी। बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी जैसी महत्वपूर्ण जरूरतों में भी यह सहयोग उपयोगी साबित होगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से कठिन समय में परिवारों को बेहतर आर्थिक सहारा मिलेगा।

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