Alert: चलते-चलते थम रहे ई-रिक्शा के पहिए! चीनी ऐप से बैटरी हैक कर रहे शरारती तत्व, उत्तराखंड में मची दहशत
उत्तराखंड सहित देश के कई बड़े शहरों में इन दिनों ई-रिक्शा चालकों के बीच एक अजीबोगरीब और बेहद खतरनाक मामले को लेकर दहशत का माहौल है। सड़कों पर फर्राटा भर रहे ई-रिक्शा अचानक चलते-चलते बंद हो जा रहे हैं। शुरुआत में इसे मैकेनिकल खराबी माना जा रहा था, लेकिन अब एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
दरअसल, कुछ शरारती तत्व एक चीनी मोबाइल ऐप के जरिए राह चलते ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) को हैक कर रहे हैं, जिससे रिक्शे के पहिए बीच सड़क पर ही थम जाते हैं। उत्तराखंड के हल्द्वानी में अब तक 400 से अधिक और रामनगर में सैकड़ों ई-रिक्शा इस टेक्निकल अटैक का शिकार हो चुके हैं, जिसके बाद नाराज चालकों ने पुलिस में तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ऐसे काम करता है हैकिंग का ये खेल
आधुनिक ई-रिक्शा में लिथियम-आयन बैटरी की सुरक्षा और निगरानी के लिए एक 'बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम' (BMS) डिवाइस लगाया जाता है। यह डिवाइस ब्लूटूथ के जरिए मोबाइल से कनेक्ट हो जाता है, जिससे चालक बैटरी का चार्ज, वोल्टेज, तापमान और करंट जैसी जरूरी चीजों पर नजर रख पाते हैं। लेकिन बाजार में मौजूद ज्यादातर सस्ते ई-रिक्शा में घटिया चीनी बीएमएस लगा हुआ है, जिसमें सुरक्षा या पासवर्ड का कोई फीचर नहीं है।
शरारती तत्व इसी लूपहोल का फायदा उठा रहे हैं। जैसे ही कोई ई-रिक्शा 'BAT BMS' नाम के इस चीनी ऐप को एक्टिव रखने वाले किसी व्यक्ति के 10 से 15 मीटर के दायरे में आता है, यह ऐप बिना किसी अनुमति के रिक्शा के ब्लूटूथ से कनेक्ट हो जाता है। इसके बाद ऐप के जरिए बैटरी के डिस्चार्ज स्विच को रिमोटली बंद कर दिया जाता है, जिससे मोटर की पावर सप्लाई तुरंत कट जाती है और गाड़ी जहां की तहां खड़ी हो जाती है।
हल्द्वानी से लेकर रामनगर तक हाहाकार, पुलिस और प्रशासन एक्टिव
हल्द्वानी में ई-रिक्शा डीलर और यूनियन की संगठन मंत्री उर्वशी बोरा ने बताया कि महज दो दिनों के भीतर करीब 450 चालकों ने इस तरह की शिकायत दर्ज कराई है। हल्द्वानी के आईटीआई रोड, रामपुर रोड जंगल, तिकोनिया, जगदंबा नगर और कालाढूंगी रोड जैसे व्यस्त इलाकों में अचानक चलते वाहन रुकने से गंभीर हादसों का खतरा पैदा हो गया है।
उधर, रामनगर और पीरूमदारा में भी बुधवार की रात 15 से ज्यादा ई-रिक्शा हैक किए गए, जिसके विरोध में गुरुवार को 200 से अधिक चालकों ने जीजीआईसी ग्राउंड में जोरदार प्रदर्शन किया। चालकों का आरोप है कि तीन युवक सक्रिय रूप से इस काम को अंजाम दे रहे हैं। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान और कोतवाल सुशील कुमार के आश्वासन के बाद चालक काम पर लौटे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कत्याल ने साफ किया है कि किसी भी चलते वाहन को रोकना कानूनी अपराध है और इस तरह टूल्स का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत सख्त मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया से फैली अनजाने में अराजकता, ये हैं बचाव के तरीके
इस पूरे विवाद की जड़ सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो हैं। दरअसल, कुछ लोगों ने सड़कों पर ट्रैफिक जाम या अव्यवस्था फैलाने वाले ई-रिक्शा चालकों को 'सबक सिखाने' के नाम पर इस ऐप के इस्तेमाल के वीडियो पोस्ट किए थे। इसे देखकर कई अन्य लड़कों ने भी मजे लेने के लिए ऐप डाउनलोड कर लिया और सड़कों पर अराजकता फैल गई।
अगर आप भी ई-रिक्शा चालक हैं, तो इस टेक्निकल अटैक से बचने के लिए एक्सपर्ट्स ने कुछ जरूरी सुरक्षा उपाय सुझाए हैं। सबसे पहले अपनी बैटरी पर दिए गए बटन को देर तक दबाकर उसके ब्लूटूथ को डिसेबल (बंद) कर दें। अगर आपका बीएमएस सपोर्ट करता है, तो तुरंत ऐप में जाकर एक मजबूत पासवर्ड सेट करें। भविष्य में हमेशा अच्छी सुरक्षा फीचर्स और वारंटी वाली प्रमाणित बैटरी का ही प्रयोग करें। यदि रिक्शा बंद हो जाए, तो सुरक्षित स्थान पर रुककर अपने बीएमएस ऐप से उसे दोबारा रिकनेक्ट करने का प्रयास करें।