Up kiran,Digital Desk : भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से चली आ रही मुक्त व्यापार समझौता (FTA) की बातचीत मंगलवार को औपचारिक रूप से पूरी हो गई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मौजूद थे।
एंटोनियो कोस्टा का निजी जुड़ाव
ईयू परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि यह समझौता उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद खास है। उन्होंने बताया कि उनके पिता का परिवार गोवा से है। कोस्टा ने कहा:
"मैं यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष हूं, लेकिन साथ ही एक ओवरसीज इंडियन भी हूं। मुझे अपनी गोवा की जड़ों पर गर्व है। भारत और यूरोप के बीच रिश्ता मेरे लिए व्यक्तिगत मायने रखता है।"
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत-ईयू साझेदारी
कोस्टा ने कहा कि बदलते वैश्विक दौर में भारत और यूरोपीय संघ का साथ दुनिया को मजबूत संदेश देता है। दोनों सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतें हैं और यह साझेदारी शांति, स्थिरता, आर्थिक विकास और सतत विकास को मजबूती देगी।
प्रधानमंत्री मोदी का बयान
पीएम मोदी ने FTA को सिर्फ व्यापार समझौता नहीं बल्कि साझा समृद्धि का खाका बताया।
उन्होंने कहा कि भारत-ईयू व्यापार अब 180 अरब यूरो तक पहुंच चुका है।
यह समझौता भारत द्वारा अब तक किया गया सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है।
इससे किसान, छोटे उद्यमी और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलेंगे।
हस्ताक्षरित महत्वपूर्ण समझौते और MoU
इस अवसर पर दोनों पक्षों ने कई महत्वपूर्ण समझौते किए:
‘Towards 2030: भारत-ईयू व्यापक रणनीतिक एजेंडा’ – भविष्य के लिए रोडमैप तय।
सुरक्षा और रक्षा साझेदारी – क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मजबूत।
मोबिलिटी सहयोग ढांचा – लोगों की आवाजाही आसान।
आपदा जोखिम प्रबंधन समझौता – आपदा प्रबंधन सहयोग बढ़े।
ग्रीन हाइड्रोजन टास्क फोर्स – स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा।
वित्तीय क्षेत्र सहयोग – RBI और यूरोपीय प्रतिभूति एवं बाजार प्राधिकरण के बीच MoU।
डिजिटल शासन – उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सील और हस्ताक्षर से प्रक्रियाओं को सुरक्षित और सरल बनाया गया।
इन समझौतों से रणनीतिक तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल शासन, सुरक्षा और विकास सहयोग को नई दिशा मिली है।

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