मोदी सरकार में जनता पर महंगाई की मार : नहीं सस्ते होंगे ये लोन, बढ़ेंगी ब्याज दरें

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति का ऐलान कर दिया। आरबीआई की छह सदस्यीय मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इस समिति की अगुवाई आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास ने की।

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति का ऐलान कर दिया। आरबीआई की छह सदस्यीय मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इस समिति की अगुवाई आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास ने की।
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रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं

शक्तिकांत दास ने समिति द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था काफी प्रभावित हुई है। समिति ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह चार फीसदी पर बरकरार है। एमपीसी ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। यानी ग्राहकों को ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिली है।
दास ने कहा कि रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है। इसके साथ ही बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है। यह 4.25 फीसदी पर है। मार्जिनल स्टैंडिंग फसिलिटी (एमएसएफ) रेट भी 4.25 फीसदी पर है। रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष 2021-22 में देश की जीडीपी में 10.5 फीसदी की तेजी का अनुमान लगाया है।

ब्याज दरों में बदलाव नहीं

उल्लेखनीय है कि आम बजट 2021-22 पेश होने के बाद यह एमपीसी की पहली और चालू वित्त वर्ष की अंतिम समीक्षा बैठक थी। पिछली तीन मौद्रिक समीक्षा बैठकों में एमपीसी ने ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। रिजर्व बैंक ने आखिरी बार 22 मई 2020 में नीतिगत दरों संशोधन किया था।  एमपीसी हर दो महीनों में ब्याज दरों की समीक्षा करती है।

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