बोकारो मर्डर मिस्ट्री: 11 महीने बाद पुष्पा कुमारी केस में सनसनीखेज खुलासा, कंकाल के दांत का DNA पुष्पा से हुआ मैच

बोकारो मर्डर मिस्ट्री: 11 महीने बाद पुष्पा कुमारी केस में सनसनीखेज खुलासा, कंकाल के दांत का DNA पुष्पा से हुआ मैच

झारखंड के बोकारो जिले से करीब 11 महीने पहले लापता हुई 18 वर्षीय युवती पुष्पा कुमारी के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक खुलासा हुआ है। झारखंड हाई कोर्ट में हुई इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया कि कोलकाता स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) की जांच रिपोर्ट आ गई है, जिसमें बरामद किए गए नरकंकाल के दांत से मिले डीएनए (DNA) का मिलान पुष्पा के डीएनए प्रोफाइल से हो गया है।

31 जुलाई 2025 से लापता थी पुष्पा, मां ने खटखटाया था हाईकोर्ट का दरवाजा

यह पूरा मामला बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र का है। यहां की रहने वाली पुष्पा कुमारी 31 जुलाई 2025 को अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। पुलिस स्तर पर कोई ठोस सुराग न मिलने और लंबी तलाश से परेशान होकर पुष्पा की मां रेखा देवी ने न्याय के लिए झारखंड हाई कोर्ट में हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दायर कर अपनी बेटी की बरामदगी की गुहार लगाई थी।

प्रेमी की निशानदेही पर मिला था नरकंकाल, आरोपी ने कबूला था जुर्म

हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद हरकत में आई पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidences) को खंगाला और सघन पूछताछ की, तो दिनेश कुमार महतो नामक युवक को गिरफ्तार किया गया। पुलिसिया पूछताछ में आरोपी दिनेश ने पुष्पा की हत्या करने की बात कबूल की थी और उसी की निशानदेही पर पुलिस ने एक गुप्त स्थान से एक नरकंकाल बरामद किया था।

परिजनों को था शक, हाईकोर्ट के आदेश पर कोलकाता भेजी गई फॉरेंसिक रिपोर्ट

जब पुलिस ने नरकंकाल बरामद किया, तो पुष्पा के परिजनों ने शुरू से ही पुलिस के इस दावे पर सवाल खड़े किए थे। उनका मानना था कि बरामद कंकाल उनकी बेटी का नहीं है और पुलिस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है।

परिजनों के इसी भारी विरोध और संशय को देखते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने कंकाल और युवती के माता-पिता के डीएनए सैंपल को जांच के लिए कोलकाता की प्रतिष्ठित सीएफएसएल (CFSL) लैब भेजने का आदेश दिया था।

दांत का DNA मिला, लेकिन पूरे कंकाल पर सस्पेंस बरकरार

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान विशेष जांच दल (SIT) की मौजूदगी में कोर्ट को जो फॉरेंसिक रिपोर्ट सौंपी गई, उसने मामले को और पेचीदा बना दिया है:

  • दांत का मिलान: कंकाल के दांत से निकाला गया डीएनए नमूना पुष्पा के पुराने प्रोफाइल से पूरी तरह मैच हो गया है।

  • माता-पिता से मिलान: हैरान करने वाली बात यह है कि पूरे कंकाल का डीएनए अभी तक पुष्पा के माता-पिता के डीएनए से शत-प्रतिशत मैच नहीं हो पाया है। यही वजह है कि पुष्पा के परिजन अब भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि यह कंकाल उनकी बेटी का ही है।

हाईकोर्ट की पुलिस को फटकार: 'लापरवाह अफसरों पर क्या एक्शन हुआ?'

इस मामले में कथित रूप से ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर झारखंड हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है कि जांच की शुरुआत में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई है? साथ ही, कोर्ट ने निचली अदालत में चल रही केस की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है।

हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि परिजनों के संशय के बावजूद पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक सबूतों और कानून के दायरे में रहकर पंचनामा व आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करे। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।

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